मुंबई। बहुचर्चित आदर्श घोटाले की जांच सीबीआइ ने पूरी कर ली है। जांच एजेंसी ने विशेष कोर्ट में पूर्व विधायक मुकुंदराव मांकर समेत पांच लोगों के खिलाफ दूसरा पूरक आरोपपत्र दाखिल कर दिया है। इसके अलावा जांच एजेंसी ने ऐसे 27 लोगों की सूची बनाई है जो आदर्श सोसाइटी में फ्लैट खरीदने के हकदार नहीं थे। इस सूची में राजनयिक देवयानी खोबरागडे और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु का नाम शामिल है।

गौरतलब है कि सीबीआइ ने पहली चार्जशीट में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चह्वाण समेत 13 लोगों को आरोपी बनाया गया था। राज्यपाल द्वारा चह्वाण के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति देने से मना करने के बाद उनका नाम आरोपियों की सूची से हटवाने के लिए सीबीआइ ने बांबे हाई कोर्ट में गुहार लगाई थी।

सीबीआइ के एक अधिकारी ने बताया कि दूसरे पूरक आरोपपत्र में आदर्श सोसाइटी के एक सदस्य और चार फाइनेंसरों के नाम हैं। इनमें पूर्व विधायक मुकुंदराव मांकर, लैंडस्केप रियल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड (एलआरपीएल), संजय व गोपाल कोंडवार (एलआरपीएल के निदेशक) और ब्रिटेन में रह रहे अप्रवासी भारतीय शरद मदन शामिल हैं। मदन ने कथित तौर पर एक सैन्य अधिकारी को फ्लैट खरीदने में वित्तीय मदद मुहैया कराई थी। लेकिन इस अधिकारी की मौत होने की वजह से चार्जशीट में उनका नाम शामिल नहीं किया गया। सीबीआइ अधिकारी ने आरोप लगाया कि एलआरपीएल ने मांकर को 62 लाख रुपये का कर्ज दिया था। आरोपपत्र के मुताबिक, एलआरपीएल को पांच अन्य कंपनियां धन मुहैया कराती थी। अधिकारी के मुताबिक आदर्श सोसाइटी में फ्लैट खरीदने के अयोग्य पाए गए 27 लोगों की सूची जल्द ही महाराष्ट्र सरकार को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर राज्य सरकार फैसला करेगी।

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