नीलू रंजन, नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम पर शिकंजा और कसेगा। चीनी नागरिकों को पैसे लेकर वीजा दिलाने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लांड्रिंग रोकथाम कानून के तहत जांच करने का फैसला किया है। इस मामले में एक-दो दिन में नया केस दर्ज किया जाएगा। वहीं, दिल्ली की विशेष अदालत ने कार्ति चिदंबरम के करीबी एस. भास्कर रमन को चार दिन के लिए सीबीआइ हिरासत में भेज दिया है।

वीजा के एवज में रुपये के लेन-देन उजागर

दरअसल सबसे पहले ईडी ने पंजाब में मानसा स्थित पावर प्लांट में चीनी विशेषज्ञों के लिए वीजा दिए जाने के एवज में 50 लाख रुपये के लेन-देन को उजागर किया था और सीबीआइ को इसकी जांच करने के लिए कहा था। किसी अन्य एजेंसी की एफआइआर के बिना ईडी मनी लांड्रिंग के तहत इसकी जांच शुरू नहीं कर सकता। सीबीआइ के एफआइआर दर्ज करने के बाद इसका रास्ता साफ हो गया है।

ईडी दर्ज कर सकती है केस

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ईडी अब किसी भी वक्त इस मामले में मनी लांड्रिंग रोकथाम कानून के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर देगी। उन्होंने कहा कि ईडी का मूल उद्देश्य अंतिम लाभार्थी का पता लगाकर रिश्वत के रूप में दिए गए 50 लाख रुपये जब्त करना होगा। इसके साथ ही इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका की अलग से जांच की जाएगी। आरोप साबित होने के बाद ईडी के केस में दोषियों को अलग से सजा मिलने का प्रविधान है।

सीबीआइ मुख्यालय में हो रही पूछताछ

दूसरी ओर, ट्रांजिट रिमांड पर चेन्नई से दिल्ली लाए गए एस. भास्कर रमन को सीबीआइ ने राउज एवेन्यू की विशेष अदालत में पेश किया। अदालत से चार दिन की रिमांड मिलने के बाद उससे सीबीआइ मुख्यालय में पूछताछ की जा रही है।

कार्ति चिदंबरम को किया जा सकता है समन

सूत्रों के अनुसार, भास्कर रमन से पूछताछ के बाद कभी भी कार्ति चिदंबरम को भी पूछताछ के लिए समन किया जा सकता है। सीबीआइ के अधिकारी कार्ति चिदंबरम की गिरफ्तारी की आशंका से भी इन्कार नहीं कर रहे हैं। लेकिन वीजा जारी किए जाने के समय गृह मंत्री रहे पी. चिदंबरम को पूछताछ के लिए बुलाने में अभी समय लगेगा।

भास्कर रमन से पहले भी हो चुकी है पूछताछ

मालूम हो कि भास्कर रमन को ईडी आइएनएस मीडिया केस में पहले भी गिरफ्तार कर लंबी पूछताछ कर चुकी है। ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उस समय की जांच से साफ हो गया था कि भास्कर रमन चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में चिदंबरम परिवार की संपत्तियों की देखरेख करता था और काली कमाई को सफेद बनाने के लिए 80 मुखौटा (शेल) कंपनियां बना रखी थीं। वीजा मामले में ईडी भास्कर रमन को हिरासत में लेकर नए सिरे से पूछताछ करेगा।

Edited By: Krishna Bihari Singh