नई दिल्‍ली [ जागरण स्‍पेशल ]। केरल में पादरी द्वारा नन के साथ दुष्कर्म का मामला सामने अाने के बाद अब कई तरह की बातें खुल रही हैं। केरल मामले में जहां पादरी पर शिकंजा कसता जा रहा है वहीं देश दुनिया के कई एेसे मामले हैं, जिससे पादरियों पर लोगों का विश्वास खत्म हो जाएगा। भारत ही नहीं बल्कि विश्व के कई अन्य देशों से मिले अांकड़ों पर गौर करे तो चर्च दुष्कर्म का अड्डा बन गया है।
अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में आस्‍था की आड़ में पादरियों ने महिलाओं या ननों के साथ ही, नहीं बल्कि मासूम बच्चियों को भी अपने हवस का शिकार बनाया। चौंकाने वाली बात यह है कि इसमें कई पादरी अपनी पहुंच और प्रभाव के चलते कानूनी शिकंजे से बाहर भी निकल आते हैं। पादरियों पर लोगों की आस्‍था होती है। ये पादरी कन्फ़ेशन प्रक्रिया के तहत रूठे ईश्‍वर को मनाने के सेतु माने जाते हैं। ऐसे में लोग इनकी चंगुल में आसानी से फंस जाते हैं। आखिर धर्म और आस्‍था की आड़ में यह खेल कब तक चलता रहेगा। आइए, जानते हैं चौंकाने वाले कुछ सच और इसके साथ कन्फ़ेशन के अनछुए पहलू।

ऑस्ट्रेलिया में सात फीसद पादरी यौन शोषण में लिप्‍त

ऑस्ट्रेलिया में सात फीसद कैथोलिक पादरी बच्चों के यौन शोषण में लिप्त पाए गए। ये हम नहीं यहां के एक अध्‍ययन रिपोर्ट में खुलासा हुआ है। दरअसल, वर्ष 1950 से 2010 के बीच हुए इस अध्‍ययन में यह बात सामने आई है कि ऑस्ट्रेलिया कैथोलिक पादरी बच्चों के यौन शोषण में लिप्त रहे हैं। एक अन्‍य जांच में देश के करीब 40 फीसद चर्च पर बच्‍चों के यौन शोषण के आरोप लगे हैं। 

ऑस्ट्रेलिया के रॉयल कमीशन के पास वर्ष 1980 से 2015 के बीच 1000 कैथोलिक इंस्टीट्यूशनों के खिलाफ 4,500 लोगों ने यौन शोषण की शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़‍ित बच्चों की औसत आयु दस वर्ष रही है। रॉयल कमीशन बच्‍चों के यौन शोषण से जुड़े मामलों की जांच करती है और उस पर नजर रखती है। खास बात यह है कि इसमें से अधिकतर पादरी और धार्मिक गुरु कानून के शिकंजे से आसानी से बच निकलने में सफल भी रहे। इतना ही नहीं इन मामलों में रिपोर्ट दर्ज कराने में औसत 33 साल का समय लगा।

अमेरिका में ग्रैंड ज्यूरी की चौंकाने वाली रिपोर्ट

करीब एक माह पूर्व अमरीका में पेन्सिलवेनिया राज्‍य की सुप्रीम कोर्ट ने कैथोलिक चर्चों में यौन शोषण से जुड़ी एक ज्‍यूरी की रिपोर्ट जारी किया था। ग्रैंड ज्यूरी की ये रिपोर्ट चौंकाने वाली थी। रिपोर्ट में 300 से ज़्यादा पादरियों के नाम यौन शोषण में शामिल है। ज्‍यूरी ने पाया की सात दशकों में पदारियों ने एक हजार से ज्‍यादा बच्‍चों का यौन शोषण किया है। यह अमेरिका के केवल एक राज्‍य का हाल है। दुनियाभर के कैथोलिक चर्चों में यौन शोषण से जुड़ी जांच में ये सबसे ताज़ा रिपोर्ट है।

यह भी जानें, कन्फ़ेशन सात संस्कारों में से एक

कन्फ़ेशन कैथोलिक चर्च के सात संस्कारों में से एक है। मान्‍यता यह है कि जब हम ग़लत काम करते हैं, तो हमारा ईश्‍वर के साथ नाता टूट जाता है। ऐसे में ईश्वर के साथ दोबारा रिश्ता बनाने के लिए हमें कन्फ़ेशन की ज़रूरत पड़ती है। शादी से बाहर रिश्ते होने पर या पार्टनर के साथ वफ़ादार नहीं रह पाने पर भी लोग कन्फ़ेशन के लिए आते हैं। इसके लिए चोरी, जलन और गुस्से से लेकर एक्स्ट्रा मैरिटल अफ़ेयर तक के मामले कन्फ़ेशन के लिए आते हैं।
खास बात यह है कि कन्फ़ेशन तभी किया जा सकता है, जब लोगाें को अपनी ग़लती का अहसास हो। किसी को जबरन कन्फ़ेशन नहीं कराया जा सकता। कन्फ़ेशन करने वाले की उम्र कम से कम 10 साल होनी चाहिए। कन्फ़ेशन किसी भी वक़्त किया जा सकता है। लेकिन क्रिसमस के वक़्त कन्फ़ेशन करने वालों की तादाद बढ़ जाती है। जिसे भी कन्फ़ेशन करना है वो पादरी से आकर बात करता है और पादरी उन्हें कन्फ़ेशन रूम में ले जाता है।
कैथोलिक नियमों के मुताबिक जीसस के अलावा किसी और ईश्वर की पूजा को ग़ुनाह माना जाता है। हमारे पास ऐसे कन्फ़ेशन भी आते हैं, जिसमें लोग किसी और ईश्वर की पूजा करने के लिए माफ़ी मांगते हैं। उन्होंने बताया कि कैथोलिक समुदाय में गर्भपात को बहुत बड़ा पाप माना जाता है। इसलिए अबॉर्शन कराने वाले दंपति भी कन्फ़ेशन के लिए आते हैं।

Posted By: Ramesh Mishra