मुंबई (मिड डे)। मुंबई बम धमाके मे उम्र कैद की सजा काट रहे गैंगस्‍टर अबू सलेम जेल में चिकन मांग रहा है। जांच करने आए पुर्तगाल एंबेसी के अधिकारियों से सलेम ने उत्‍पीड़न के शिकायतों वाली लंबी फेहरिस्‍त बतायी जिसमें से एक यह था कि जेल में उसे जबरन शाकाहारी बनाने की कोशिश की गयी है। उसे खाने को चिकन नहीं दिया जा रहा है।

तलोजा जेल में सलेम से मिले पुर्तगाली अधिकारी
सलेम ने अपने जीवन को खतरे में बताया था जिसके बाद पुर्तगाल एंबेसी के अधिकारी मंगलवार को उससे मिलने तलोजा जेल पहुंचे। सलेम से मिलने के लिए उसकी भारतीय वकील सबा कुरैशी के साथ भारत में पुर्तगाली मिशन की उप प्रमुख सोफिया बटाला और अन्य पुर्तगाली राजनयिक के साथ कैदियों का इलाज करने वाले डॉक्‍टरों समेत जेल के एसपी, सीबीआइ ऑफिसर मौजूद थे। सलेम की वकील सबा कुरैशी ने कहा, ‘अबू सलेम ने बताया कि खाने की क्‍वालिटी काफी खराब होती है और उसे शाकाहारी भोजन खाना पड़ता है।‘

पुर्तगाली अधिकारियों से सलेम की शिकायत

अबु सलेम ने पुर्तगाली अधिकारियों को बताया कि उसे अंधेरी कोठरी में अकेले रखा जाता है। उसके पास कोई बात करने के लिए नहीं है साथ ही उसे खराब क्वालिटी का खाना दिया जाता है। सलेम ने अपनी वकील से करीब ढाई घंटे बातचीत की। कयास लगाया जा रहा है कि वह भारत से पुर्तगाल जाने के लिए जरूरी कानूनी प्रक्रिया की जानकारी ले रहा था। बता दें कि भारत ने पुर्तगाल से संधि के आधार पर ही 11 नवंबर, 2005 को अबू सलेम का प्रत्यर्पण हासिल किया है। सूत्रों के अनुसार, 31 मई को अबू सलेम की ओर से उसकी पुर्तगाली वकील ‌फरेरा ने पुर्तगाल में लिस्बन कोर्ट में याचिका दायर की थी कि सलेम को भारतीय जेल में जान का खतरा है।

सलेम की वकील ने जेल अधिकारियों पर लगाया आरोप
सलेम की वकील ने कहा- ‘उसके बैरक में पर्याप्‍त सूर्य की रोशनी नहीं। टॉयलेट काफी छोटा और गंदा है जिसके कारण व बीमार हो गया। उसने डॉक्‍टरों से घुटने और आंखों की रोशनी के बारे में शिकायत की थी जिसके बाद उसे मुंबई में किसी डॉक्‍टर से मिलने की सलाह दी गयी। लेकिन जेल अधिकारियों की ओर से हमेशा कहा गया कि उसके साथ जाने के लिए काफी कम गार्ड हैं।‘ सबा ने बताया कि उसे अपने परिवार से मिलने की अनुमति नहीं दी जाती है।

निराधार है आरोप: एसपी गायकवाड़
जेल के एसपी सदानंद गायकवाड़ ने कहा, ‘हम उसे चिकन नहीं दे सकते हैं। यदि डॉक्‍टर की ओर से कैदी को अंडे देने को कहा जाता है तब हम उन्‍हें देते हैं। वह कैंटीन से अंडे खरीद सकता है। दूसरी बात कि जहां अबू सलेम है उस तरह के बैरक में कई अन्‍य कैदी हैं। इसमें खुली छत है ताकि ताजी हवा और सूर्य की रोशनी सबको मिल सके। वह हमेशा अपने स्‍वास्‍थ्‍य को लेकर शिकायत करता है लेकिन उसके डॉक्‍टर का कहना है कि वह स्‍वस्‍थ है। उसके आरोप निराधार हैं।‘

प्रत्‍यर्पण संधि का उल्‍लंघन कर रहा भारत: सलेम की वकील
सबा के अनुसार, सलेम को उम्र कैद की सजा देकर भारत ने प्रत्‍यर्पण संधि के नियमों को तोड़ा है क्‍योंकि भारत सरकार ने पुर्तगाल को आश्‍वासन दिया था कि 25 वर्ष से अधिक की सजा नहीं  देगा। बता दें कि अबू सलेम के भारत प्रत्यर्पण के लिए भारत की तरफ से लालकृष्ण आडवाणी ने लिखित तौर पर पुर्तगाल सरकार और कोर्ट को ये आश्वासन दिया था कि वो 25 साल से अधिक जेल में नहीं रखेंगे और मौत की सज़ा नहीं देंगे।

By Monika Minal