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'मेरा काम अभी खत्म नहीं हुआ है', अमेरिका से पोस्ट कर अभिषेक बनर्जी ने क्या दिया संदेश?

Published: Wed, 16 Sep 2026 03:38 PM (IST)

तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी ने अमेरिका से एक रहस्यमयी संदेश और अपनी आंख की तस्वीर साझा की है।

अभिषेक बनर्जी का अमेरिका से संदेश।

अभिषेक बनर्जी का अमेरिका से संदेश।

HighLights

  1. अभिषेक बनर्जी ने अमेरिका से अपनी आंख की तस्वीर और संदेश साझा किया।

  2. संदेश में उन्होंने अपने संघर्षों और राजनीतिक दृढ़ता का जिक्र किया।

  3. सुप्रीम कोर्ट ने आंख के इलाज के लिए उन्हें विदेश जाने की अनुमति दी।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी इन दिनों अमेरिका में हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक रहस्यमयी संदेश जारी करते हुए एक तस्वीर पोस्ट की है। वो चाहते हैं कि लोग उनके चेहरे पर बने निशान को देखें। वह इसे छिपाना नहीं चाहते हैं।

इस तस्वीर में उनका चेहरा आधा दिख रहा है। एक चौड़ी खुली आंख के ऊपर पतली और मुड़ी हुई भौंह है। आंख के नीचे लालिमा है जो नाक के नथुने के ठीक ऊपर खत्म होती है और चेहरे पर हल्की दाढ़ी है।

तस्वीर के जरिए क्या संदेश दिया?

उनके आधे चेहरे की इस साफ तस्वीर के साथ लिखा संदेश कहता है, "यह निशान बताता है कि मैं किन हालात से गुजरा हूं। मेरी आंखें बताती हैं कि मेरा सफर अभी खत्म नहीं हुआ है!" उनके इस संदेश का अगर राजनीतिक अर्थ निकाला जाए तो साफ पता चलता है कि वह झुकेंगे नहीं।

हाल के समय में अभिषेक बनर्जी को कई तरह के हमलों का सामना करना पड़ा है, जिनमें जांच एजेंसियों की कार्रवाई, जानलेवा हमले, हत्या की कोशिश और उनके दफ्तर में तोड़-फोड़ शामिल है।

आंख के इलाज के लिए सुप्रीम कोर्ट ने दी विदेश जाने की इजाजत

पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने 38 साल के सांसद को अपनी आंख के इलाज के लिए तीन हफ्ते विदेश जाने की इजाजत दी थी। कोर्ट ने कलकत्ता हाई कोर्ट के उस फैसले को पलट दिया जिसमें सांसद के विदेश जाने पर लगी रोक में ढील देने से इनकार कर दिया गया था।

बनर्जी ने एक याचिका दायर करके कलकत्ता हाई कोर्ट द्वारा नफरत फैलाने वाले भाषण (हेट स्पीच) के एक कथित मामले में उन पर लगाई गई शर्तों को हटाने की मांग की थी। यह दूसरी बार था जब बनर्जी ने विदेश यात्रा की अनुमति के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।

उनकी पिछली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाई कोर्ट से कहा था कि वह उनकी विदेश यात्रा की अर्जी पर फैसला करे। इसके बाद हाई कोर्ट ने यात्रा पर लगी रोक हटाने से इनकार कर दिया, जिसके चलते बनर्जी को फिर से सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ा।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा बनर्जी की विदेश यात्रा पर उठाए गए आपत्तियों पर विचार करने से इनकार कर दिया। बेंच ने कहा कि हर व्यक्ति को विदेश यात्रा करने और अपना इलाज चुनने का अधिकार है।

सुनवाई के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने याचिका का विरोध किया। उन्होंने कहा कि बनर्जी के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं और आशंका जताई कि अगर उन्हें विदेश यात्रा की इजाजत दी गई तो हो सकता है कि वे वापस न लौटें।

सुप्रीम कोर्ट ने मांगी पूरी जानकारी

सुप्रीम कोर्ट ने बनर्जी से उनके यात्रा कार्यक्रम की जानकारी देने को कहा, जिसमें विदेश में उनके रहने की जगह, इलाज कराने के लिए चुने गए डॉक्टर या अस्पताल, वहां रहने की अवधि और फ्लाइट की जानकारी शामिल हो। याचिका में बनर्जी बताया कि अक्टूबर 2016 में सड़क दुर्घटना में आंख में गंभीर चोट लगने के बाद से वह लगभग एक दशक से अमेरिका में इलाज करवा रहे हैं।

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