विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

चंद्रनाथ रथ हत्याकांड के पीछे ‘भतीजा गैंग’, दो करोड़ रुपये की दी गई थी सुपारी; सीएम शुभेंदु का बड़ा दावा

Published: Tue, 15 Sep 2026 10:05 PM (IST)

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया है कि उनके दिवंगत निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या के पीछे 'भतीजा गैंग' ...और पढ़ें

चंद्रनाथ रथ हत्याकांड के पीछे ‘भतीजा गैंग’। (पीटीआई)

चंद्रनाथ रथ हत्याकांड के पीछे ‘भतीजा गैंग’। (पीटीआई)

HighLights

  1. शुभेंदु अधिकारी ने चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में 'भतीजा गैंग' पर आरोप लगाया।

  2. हत्या के लिए शूटरों को दो करोड़ रुपये की सुपारी दी गई थी।

  3. सीबीआई मामले की जांच कर रही है, सात आरोपी गिरफ्तार।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपने दिवंगत निजी सहायक (पीए) चंद्रनाथ रथ की हत्या को लेकर मंगलवार को बड़ा दावा किया कि इसके पीछे भतीजा गैंग है। उनका इशारा डायमंड हार्बर से तृणमूल कांग्रेस के सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी और उनके करीबियों की तरफ था।

अपने गृह जिले पूर्व मेदिनीपुर की हाईप्रोफाइल नंदीग्राम सीट पर उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी चंद्रनाथ रथ की मां हासिरानी रथ के नामांकन के बाद पत्रकारों से बातचती में शुभेंदु ने कहा कि उन्हें मिली जानकारी के अनुसार हत्या के पीछे ‘भतीजा गैंग’ का हाथ है और शूटरों को दो करोड़ रुपये की सुपारी दी गई थी।

उन्होंने कहा कि चंद्रनाथ को रास्ते से हटाने के लिए दो करोड़ रुपये खर्च किए गए और यह रकम शूटरों तक ‘भतीजा गैंग’ ने पहुंचाई। उन्होंने दावा किया कि शूटरों को रकम पहुंचाने वाले लोग डायमंड हार्बर के हैं और उन्होंने उनकी काल रिकॉर्डिंग भी सुनी है।

उन्होंने कहा कि मामले की जांच सीबीआई कर रही है और अदालत में मामला विचाराधीन है, इसलिए अभी वह इससे ज्यादा कुछ नहीं कहेंगे।

नामांकन के बाद चंद्रनाथ हत्याकांड पर प्रतिक्रिया देते हुए शुभेंदु ने कहा कि मामले में अंतरराज्यीय पहलू जुड़े होने के कारण जांच सीबीआइ को सौंपी गई थी। उनके अनुसार, शूटरों और उन्हें सुपारी देने वालों समेत सात लोगों को अभी तक गिरफ्तार किया गया है। सीबीआई आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। साथ ही कहा कि उन्हें विश्वास है कि दोषियों को फांसी होगी।

चुनाव परिणाम के दो दिन बाद हुई थी रथ की हत्या

उल्लेखनीय है कि बंगाल में चार मई को विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित होने के दो दिन बाद उत्तर 24 परगना जिले के मध्यग्राम में चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह उस समय विपक्ष के नेता रहे शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी और निजी सहायक थे।

आरोप के अनुसार, कार से घर लौटते समय चंद्रनाथ को बेहद करीब से गोली मारी गई थी। घटना के बाद पूरे राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई थी। बाद में मामले की जांच सीबीआइ को सौंपी गई। अब तक हत्याकांड में कथित संलिप्तता के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

हालांकि, हत्या की साजिश के पीछे कौन था, इसे लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। इधर, मुख्यमंत्री के आरोप पर तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक मदन मित्रा ने कहा कि बिना प्रमाण के सीएम को ऐसी बात नहीं कहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही है तो इससे दुखद कुछ नहीं हो सकता और सच्चाई को हमेशा दबाकर नहीं रखा जा सकता।