'BJP में शामिल हो जाओ, या फिर...', CJP संस्थापक दीपके का बड़ा दावा; बोले- प्रदर्शन के दौरान मिल रही थी धमकियां
नीट परीक्षा विवाद से चर्चा में आए 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार और शिक्षा प्रणाली पर तीखे हमले किए हैं।
HighLights
दीपके ने नीट विवाद पर केंद्र सरकार और शिक्षा प्रणाली पर हमला बोला।
विरोध प्रदर्शन के दौरान भाजपा में शामिल होने के लिए धमकियां मिलीं।
छात्रों के खिलाफ 'बेल्ट गन' और AK-47 के इस्तेमाल का आरोप।
डिजिटल डेस्क, मुंबई। नीट परीक्षा विवाद से चर्चा में आए 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दीपके ने छत्रपति संभाजीनगर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्र सरकार और शिक्षा प्रणाली पर तीखे हमले किए।
उन्होंने विरोध प्रदर्शन के दौरान अपनी जान को खतरा होने, भाजपा में शामिल होने का दबाव बनाने और छात्रों के खिलाफ गंभीर हिंसा के आरोप लगाए। दीपके ने दो टूक कहा कि लोकतंत्र और शिक्षा के अधिकारों के लिए उनका संघर्ष आगे भी पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगा।
दीपके बोले- प्रदर्शन के दौरान मिल रही थी धमकियां
समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, दीपके ने दावा किया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें चेतावनी दी गई है कि अगर वे भाजपा में शामिल नहीं हुए, तो उनके परिवार को मुसीबत का सामना करना पड़ेगा।
शीर्ष पदों पर बैठे लोगों पर साधा निशाना
इन धमकियों की आलोचना करते हुए दीपके ने कहा कि उन्हें इस बात पर शर्म आती है कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री जैसे उच्च पदों पर बैठे लोग एक छात्र को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि ऐसे पदों पर बैठे लोगों को युवाओं को डराने की क्या जरूरत है?
लोकतंत्र और शिक्षा की लड़ाई
इसके अलावा युवाओं को गुमराह करने के आरोपों का जवाब देते हुए दीपके ने साफ कहा कि अगर सरकार से सवाल पूछना, लोकतंत्र की रक्षा करना और शिक्षा के अधिकारों के लिए लड़ना गलत है, तो वे अपना संघर्ष जारी रखेंगे।
बिहार में प्रदर्शन के दौरान फायरिंग के आरोपों पर क्या बोले दीपके?
एएनआई से बातचीत के दौरान भाजपा द्वारा फायरिंग की घटना से इनकार करने पर, दीपके ने दावा किया कि उन्होंने खुद बिहार के अस्पतालों का दौरा किया है और घायल छात्रों से मिले हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ 'बेल्ट गन' और एके-47 जैसे हथियारों का इस्तेमाल किया गया, जिससे कई छात्र घायल हुए और कुछ की आंखें भी चली गईं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आतंकवादियों से निपटने वाले हथियारों का इस्तेमाल छात्रों के खिलाफ किया गया। इसके साथ ही विपक्षी दलों के साथ हाथ मिलाने के मुद्दे पर दीपके ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए देश के सभी राजनीतिक दलों और नागरिकों को एक साथ आना चाहिए।
