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    घोटाले के लिए ही AAP नेताओं ने बनाई थी नई आबकारी नीति, दिल्ली की विशेष अदालत में ईडी ने किया दावा

    By Jagran NewsEdited By: Amit Singh
    Updated: Thu, 01 Dec 2022 12:10 AM (IST)

    अवैध तरीके धन जुटाने के लिए आप नेताओं ने दिल्ली की नई आबकारी नीति बनाई थी इनमें कई दिल्ली सरकार में शामिल थे। अभी तक की जांच के आधार पर ईडी ने दिल्ली की विशेष अदालत में यह दावा किया है।

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    घोटाले के लिए AAP नेताओं ने बनाई थी नई आबकारी नीति (फाइल फोटो)

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। अवैध तरीके धन जुटाने के लिए आप नेताओं ने दिल्ली की नई आबकारी नीति बनाई थी, इनमें कई दिल्ली सरकार में शामिल थे। अभी तक की जांच के आधार पर ईडी ने दिल्ली की विशेष अदालत में यह दावा किया है। आरोपी अमित अरोड़ा को हिरासत में लेने के लिए अदालत में दाखिल रिमांड एप्लीकेशन में ईडी ने एक अन्य आरोपी विजय नायर के बयान का भी हवाला देते हुए उसे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का बेहद करीबी बताया है। ध्यान देने की बात है कि अरविंद केजरीवाल ने विजय नायर को पार्टी का छोटा कार्यकर्ता करार दिया था। अदालत ने अमित अरोड़ा को सात दिसंबर तक के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया है।

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    विजय नायर केजरीवाल का खास सहयोगी

    ईडी ने रिमांड अप्लीकेशन में इंटरटेनमेंट कंपनी ओनली मच लाउडर के पूर्व सीईओ और आबकारी नीति के घोटाले के एक मुख्य आरोपी का एजेंसी के सामने पीएमएलए की धारा 50 के तहत दिये बयान का हवाला दिया है। ईडी के अनुसार बयान में विजय नायर ने खुद बताया है कि वह दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के कैंप आफिस से काम करता था और दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत के सरकारी आवास में 2020 से ही रह रहा था। जबकि खुद कैलाश गहलोत नजफगढ़ में एक निजी मकान में रहते हैं। ईडी के अनुसार विजय नायर के यह दावा इसीलिए भी सही है क्योंकि उसका दिल्ली में कोई आवास नहीं है। ईडी ने अपने रिमांड एप्लीकेशन में दावा किया है कि विजय नायर आप का कोई सामान्य कार्यकर्ता नहीं है, बल्कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का खास सहयोगी है।

    नई आबकारी नीति घोटाले में AAP का नाम शामिल

    ईडी ने रिमांड एप्लीकेशन में दिल्ली की नई आबकारी नीति में घोटाले के लिए खुलकर आम आदमी पार्टी का खुलकर नाम लिया है। ईडी ने बताया कि कैसे नई आबकारी नीति बनाने के लिए एक्सपर्ट कमेटी के गठन और आम आदमी से सुझाव मांगने की खानापूर्ति की गई। जबकि 22 मार्च 2021 को उपमुख्यमंत्री व आबकारी मंत्री मनीष सिसोदिया, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन और परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत के मंत्रिमंडलीय समूह (जीओएम) ने अपनी रिपोर्ट में इसे शामिल ही नहीं किया। यही नहीं, जीओएम की रिपोर्ट पर उसी दिन मंत्री परिषद ने मुहर भी लगा दी। इसके बाद पांच अप्रैल को दोबारा जीओएम की बैठक बुलाकर पुरानी रिपोर्ट में ऐसे बदलाव किये गए, जिससे घोटाले का रास्ता खुल गया। ईडी के अनुसार फाइनल नई आबकारी नीति को पांच जुलाई को वेबसाइट पर सार्वजनिक किया गया, लेकिन घोटाले के जुड़े कई आरोपियों को यह पहले भी ही भेज दिया है। इसे साबित करने के लिए ईडी ने मोबाइल फोन के स्क्रीन शाट को रिमांड अप्लीकेशन में शामिल किया गया है, जिनसे साफ है कि 31 मई को ही इसे व्हाट्सअप के जरिये भेजा गया था।

    AAP नेताओं ने शराब निर्माता से की उगाही

    ईडी की रिमांड एप्लीकेशन के अनुसार नई आबकारी नीति के तहत बिकने वाली शराब पर आप नेताओं ने इसके निर्माता, होलसेलर और रिटेलर तीनों स्तरों पर धन की उगाही की। नीति को इस तरह से बनाया गया कि शराब निर्माता और होलसेलर का गठजोड़ हो सके। होलसेलर को 12 फीसद और रिटेलर को 185 फीसद की कमाई का रास्ता खोला गया। ईडी के अनुसार इनमें से एक बड़ा हिस्सा विजय नायर के मार्फत आप नेताओं तक पहुंचता था और इसे पहुंचाने का काम अमित अरोड़ा और दिनेश अरोड़ा करता था। ईडी पहले भी घोटाले का सबूत मिटाने के लिए मोबाइल फोन के नष्ट करने का दावा कर चुका है। लेकिन रिमांड एप्लीकेशन में उन सभी 36 लोगों का नाम और उनका मोबाइल नंबर भी दिया है। इसके अनुसार मनीष सिसौदिया चार मोबाइल नंबर का उपयोग करते हैं और उन्होंने कुल 14 मोबाइल बदला था। इसी तरह से अमित अरोड़ा ने 11 बार मोबाइल बदला था। ईडी के अनुसार इन सभी ने 170 मोबाइल फोन बदले थे, जिनमें 17 को रिकवर कर लिया गया है। रिकवर किये गए मोबाइल फोन से ही घोटाले के अहम सबूत सामने आए हैं। ईडी के अनुसार यदि मोबाइल फोन और लैपटाप नष्ट नहीं किये जाते तो घोटाले का व्यापक आयाम सामने आ सकता था।

    पहली बार सामने आया तेलंगाना की मुख्यमंत्री की बेटी का नाम

    ईडी की रिमांड एप्लीकेशन में पहली बार तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की बेटी के कविता का नाम सामने आया है। टीआरएस के पूर्व सांसद और मौजूदा एमएलसी के कविता का नाम आबकारी नीति के दक्षिण लाबी के संदर्भ में आया है। ईडी के अनुसार आप नेताओं के नाम पर विजय नायर ने दक्षिण लाबी से 100 करोड़ रुपये एडवांस में लिये थे और दक्षिण लाबी में अरबिंदो फार्मा के निदेशक शरत रेड्डी, के कविता और वाइएसआर रेड्डी के सांसद मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी का नाम दिया गया है।

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