नई दिल्ली, एएनआइ। केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मंडाविया ( Mansukh Mandaviya) ने शनिवार को जानकारी दी कि देश में 88 फीसद से अधिक व्यस्क आबादी को वैक्सीन की डोज मिल चुकी है। मंडाविया ने अपने ट्वीट में कहा, 'कोविड-19 से बचाव के लिए 88 फीसद से अधिक देश की व्यस्क आबादी को कोरोना वैक्सीन की डोज मिल चुकी है। Congratulations India! वैक्सीन लेने के बाद भी कोविड नियमों का पालन करते रहें।'

स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से आज सुबह सात बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार भारत में अब तक कुल 193.13 (1,93,13,41,918) करोड़ वैक्सीनेशन हो चुका है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि बीते 24 घंटों में 4,47,637 कोरोना टेस्ट किए गए जिसके बाद देश कुल कोरोना संक्रमण के सक्रिय मामलों का आंकड़ा 16,308 है। बता दें कि देश में अभी प्रतिदिन की पाजिटिविटी रेट 0.60 फीसद है वहीं साप्ताहिक रेट 0.54 फीसद है। 2021 की 16 जनवरी को केंद्र सरकार ने देशव्यापी कोविड-19 वैक्सीनेशन प्रोग्राम शुरू किया था जो अब तक जारी है। भारत सरकार की ओर से देश भर के राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को कोरोना वैक्सीन की मुफ्त खुराकें भेजी जा रहीं हैं।

कोविन पोर्टल से जुड़ेंगे सभी टीकाकरण कार्यक्रम

केंद्र सरकार सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (यूआइपी) और अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों को कोविन पोर्टल से जोड़ने की योजना बना रही है। कोविन पोर्टल को कोरोना टीकाकरण के लिए तैयार किया गया था, जिसके जरिये सभी लाभार्थियों का रिकार्ड रखा जाता है और उन्हें सर्टिफिकेट जारी किए जाते हैं। अभी यूआइपी के तहत टीकाकरण के रिकार्ड मैन्युअल रूप में रखा जाता है। कोविन के प्रमुख और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के सीईओ डा. आरएस शर्मा ने कहा कि यूआइपी को शामिल करने के लिए कोविन में जरूरी बदलाव कर लिया जाएगा तब संपूर्ण टीकाकरण प्रणाली डिजिटल हो जाएगी। इससे लाभार्थियों पर नजर रखने और उन्हें ट्रैक करना आसान हो जाएगा। ऐसा होने से लाभार्थियों को मौके पर ही सर्टिफिकेट भी मिल जाएगा। इन सर्टिफिकेट को डिजी लाकर में रखा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि कुशल तरीके से रिकार्ड रखने में योजनाएं बनाने में भी मदद मिलेगी। बता दें कि यूआइपी दुनिया का सबसे वृहद टीकाकरण कार्यक्रम है। इसमें नवजात बच्चों और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण कर उन्हें विभिन्न बीमारियों से सुरक्षित किया जाता है।

Edited By: Monika Minal