नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति व रंगभेद विरोध के प्रणेता नेल्सन मंडेला के सम्मान में पांच दिन के राजकीय शोक का ऐलान किया है। इस आशय का फैसला शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की विशेष बैठक में किया गया।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने रंगभेद के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले इस महानायक को श्रद्धांजलि दी। बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि मंडेला सिर्फ अपनी पीढ़ी के लिए ही नहीं, बल्कि अब तक की सभी मिसालों में सबसे कद्दावर नेता थे। रंगभेद समाप्त करने में उन्होंने निजी तौर पर जो भूमिका निभाई, वह अतुलनीय है।

उन्होंने कहा कि 27 साल से अधिक अवधि तक जेल में रहे दक्षिण अफ्रीकी नेता इस नेता ने दुनिया को नैतिक नेतृत्व देने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। तिवारी ने कहा कि मंडेला के निधन पर पूरा देश दक्षिण अफ्रीका की शोकाकुल जनता के साथ है।

ओपेरा के हीरो रहे हैं नेल्सन मंडेला

मनीष तिवारी ने बताया कि कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें नेल्सन मंडेला के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए प्रस्ताव पारित किया गया और तय किया गया कि 6 से 10 दिसंबर तक पांच दिन का राजकीय शोक रखा जाएगा।

नहीं रहे नेल्सन मंडेला, पूरी दुनिया में शोक की लहर

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