यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 30, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पाक सेना की 5 बटालियन बार्डर के लिए रवाना, भारतीय सेना पूरी तरह मुस्तैद
पाक फौज मोर्चे पर किसी तरह की जवाबी हरकत न कर सके इसके मद्देनजर एलओसी पर तैनात सैनिकों और अफसरों को खास सचेत रहने का निर्देश है।

नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। पाकिस्तान के कब्जे वाले गुलाम कश्मीर में आतंकी लांच पैड पर भारत की सर्जिकल सैन्य कार्रवाई से बौखलाए पाकिस्तान की किसी तरह की नापाक हरकत को नाकाम करने के लिए भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) के सभी मोर्चो पर निगरानी तेज कर दी है। सेना के नार्दन कमान को खास तौर पर अगले आदेश तक अधिकतम अलर्ट पर रखा गया है।
पाकिस्तान ने पांच और बटालियन सीमा पर लगाई
पाकिस्तान में प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की अपनी कैबिनेट के साथ तमाम एजेंसियों के साथ आज हुई बैठकों के दौर को देखते हुए भारतीय सेना की चौकसी अधिकतम स्तर पर बढ़ा दी गई है। भारतीय सेना और एजेंसियों को इस बात की खबर है कि इसलामाबाद में आज पाक हुक्मरानों की हुई बैठकों के बाद पाकिस्तानी सेना ने अपनी पांच और बटालियनों को एलओसी पर तैनाती के लिए रवाना करने का फैसला किया है। वहीं पाक एयरफोर्स और नेवी को भी अलर्ट पर रखने का संदेश देने के लिए वह उनसे अभ्यास करा रहा है। हालांकि सीमा पर मोर्चाबंदी बढ़ाने की पाक की हरकतों से भारतीय सेना किसी तरह चिंतित नहीं हैं मगर सीमा पर चौकसी जरूर तेज हो गई है।
पाकिस्तान सरकार और उसकी फौज इस सर्जिकल कार्रवाई का जवाब देने की छटपटाहट को देखते हुए भारतीय सेना पाक से लगी अपनी किसी सीमा पर दुश्मन को कोई मौका नहीं देना चाहती। पाक से आ रही सूचनाओं के अनुसार नवाज शरीफ की कैबिनेट और दूसरी अन्य बैठकों के दौर के बाद पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल राहिल शरीफ ने अपने पूर्वी सीमा पर सैनिकों की तैनाती बढ़ाने का फैसला किया है। बताया जा रहा कि इसके बाद ही पाक सेना की पांच बटालियनों को एलओसी की ओर रवाना कर दिया है।
पाक सेना की एक बटालियन में 600 से लेकर 900 सैनिक होते हैं। इतना ही नहीं राहिल ने सैनिकों और अफसरों की छुट्टियां रद्द करने का भी आदेश दिया है। नवाज शरीफ और उनके सेना प्रमुख ने शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक के बाद जारी बयान के बाद भारत के आगे किसी भी तरह की आक्रामक कार्रवाई का जवाब देने का बयान भी दिया है। पाक की मोर्चे पर सैनिकों की संख्या बढ़ाने की रणनीति से लेकर उसके एयरफोर्स और नेवी की गतिविधियों पर भी भारतीय सेनाओं की पूरी निगाह लगी है। भारतीय सेना या सरकार की ओर से पाक के अंदर मची हलचल को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
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हालांकि अनौपचारिक तौर पर सेना के सूत्रों का कहना है कि पीओके में सर्जिकल कार्रवाई के बाद पाक का इस कदर बौखलाना अस्वाभाविक नहीं है। चूंकि एलओसी पर जवाब देने की भारतीय सेना की रणनीति बदल चुकी है। ऐसे में पाकिस्तानी सरकार और सेना सर्जिकल कार्रवाई से मिले आघात के बाद अपनी जनता के बीच चेहरा बचाने की कोशिशें जरूर करेगी।
पीओके में सर्जिकल कार्रवाई को लेकर पाक सरकार और सेना के पिछले दो दिनों के विरोधाभासी बयान को भी भारत उसकी दोहरी चाल होने की आशंका से इन्कार नहीं कर रहा है। इस चाल की आड़ में पाक फौज मोर्चे पर किसी तरह की जवाबी हरकत न कर सके इसके मद्देनजर एलओसी पर तैनात सैनिकों और अफसरों को खास सचेत रहने का निर्देश है।
