नई दिल्‍ली, एएनआइ। स्वास्थ्य मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि कोरोना भारत में अभी स्‍थानीय ट्रांसमिशन स्टेज यानी दूसरे चरण में ही है। अभी यह तीसरे चरण यानी सामुदायिक ट्रांसमिशन स्टेज में नहीं पहुंचा है।

देश में कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए उठाए जाने वाले कदमों को लेकर सोमवार को स्‍वास्‍थ्‍य और गृह मंत्रालय की बैठक में यह जानकारी दी। स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के संयुक्‍त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि पिछले 24 घंटों में COVID19 के कारण चार लोगों की मौत हुई है और  92 नए मामले सामने आए हैं। अब तक देश में 1071 कुल मामले सामने आए हैं और भारत में मौतों की संख्या 29 हो गई है।

सभी को सामाजिक दूरी बनाए रखनी चाहिए

लव अग्रवाल ने कहा कि हम सभी को सामाजिक दूरी बनाए रखनी चाहिए। यहां तक कि एक व्यक्ति की लापरवाही से कोरोना वायरस महामारी के रूप में फैल सकती है। तकनीकी रूप से भारत में COVID-19 अभी भी स्थानीय ट्रांसमिशन चरण में है, अब तक कोई सामुदायिक प्रसारण नहीं हुआ है। अगर भारत में यह सामुदायिक ट्रांसमिशन लेवल पर पहुंचता है तो मंत्रालय इस बारे में बताएगी।

जानें क्‍या होता है कोरोना वायरस के प्रसार का दूसरा चरण

दूसरा चरण यानी स्‍थानीय ट्रांसमिशन स्टेज। भारत अभी कोरोना के इसी चरण से गुजर रहा है। इस चरण में संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से उसके परिजन, रिश्तेदार या दोस्तों में संक्रमण होने लगता है। हमें यह पता होता है कि वायरस कहां से फैल रहा है, ऐसे में इसे रोकना ज्यादा कठिन नहीं होता है।

जानें कोरोना वायरस के प्रसार का तीसरा चरण

तीसरा चरण यानी सामुदायिक ट्रांसमिशन स्टेज। इटली और स्पेन जैसे देश इस समय कोरोना के तीसरे स्टेज में हैं। इस स्टेज में कोई ऐसा व्यक्ति भी संक्रमित हो सकता है जो न तो कोरोना वायरस से प्रभावित देश से लौटा है और न ही वह किसी दूसरे कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आया हो। दरअसल, इस चरण में हम यह नहीं जान पाते कि संक्रमण कहां से फैल रहा है।

 जानें कोरोना वायरस के प्रसार का चौथा चरण

यह कोरोना वायरस महामारी का सबसे खतरनाक चरण है। चीन जहां से कोरोना वायरस की शुरुआत हुई, वह इस चरण से गुजर चुका है। ऐसे में संक्रमण रोकने का हल खोजना काफी कठिन होता है आप कह सकते हैं कि इस दौरान चीजें आपके हाथ से निकल चुकी होती हैं।

बरेली के कर्मचारियों के खिलाफ होगी कार्रवाई 

प्रवासी मजदूरों पर छिड़काव किए जाने के वीडियो के बारे में लव अग्रवाल ने कहा कि बरेली के जिला मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया कि कुछ कर्मचारियों ने अज्ञानता के कारण एक बड़ा कदम उठाया। उन कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की गई है।  

उन्‍होंने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय ने देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र में चिकित्सा उपकरण और आपातकालीन सामानों की आपूर्ति के लिए विशेष कार्गो उड़ानें चलाने के लिए अनुमति दी है। 

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICCR) के रमन गंगा केतकर ने कहा कि देश में अब तक 38,442 टेस्‍ट किए गए हैं, जिनमें से 3,501 कल किए गए थे। इसका मतलब है कि हम अभी भी अपनी टेस्‍ट क्षमता के 30% से कम हैं। पिछले 3 दिनों में 13,034 टेस्‍ट निजी लैब्‍स में किए गए हैं।

फंसे हुए श्रमिकों के लिए भोजन और आश्रय सुनिश्चित हो

गृह मंत्रालय की संयुक्‍त सचिव पुण्‍य सलिला श्रीवास्‍तव ने कहा कि गृह सचिव ने कल राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों के जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया कि वे फंसे हुए श्रमिकों के लिए भोजन और आश्रय सुनिश्चित करें और नियोक्ताओं (इंप्‍यालर) द्वारा पूर्ण मजदूरी सुनिश्चित करें। उन्हें यह सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देशित किया गया था कि मकान मालिक मजदूरों से किराया न मांगें।  

 

Posted By: Arun Kumar Singh

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस