'भारत को अस्थिर करने की कोशिश कर रही ताकतों के 3 मुख्य एजेंडे', BJP ने विपक्ष पर लगाया आरोप; रावण से की तुलना
भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने विपक्ष की कुछ ताकतों पर भारत को अस्थिर करने और हिंसा व साजिश के जरिए सत्ता परिवर्तन का आरोप लगाया है।
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भारत को अस्थिर करने की कोशिश कर रही ताकतों के 3 मुख्य एजेंडे। (फाइल)
HighLights
विपक्ष भारत को अस्थिर करने और सत्ता परिवर्तन की कोशिश में।
सुधांशु त्रिवेदी ने इन ताकतों की तुलना रावण के दस सिरों से की।
जायज मांगों की आड़ में हिंसा और साजिश का आरोप लगाया।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने बुधवार को विपक्ष की कुछ ताकतों पर आरोप लगाया कि वे जायज सार्वजनिक मांगों की आड़ में भारत को अस्थिर करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि उसका असली मकसद हिंसा और साजिश के जरिए सत्ता परिवर्तन करना है।
प्रधानमंत्री के विजयादशमी संबोधन का जिक्र करते हुए, त्रिवेदी ने कहा कि कुछ ताकतें तीन एजेंडों पर काम कर रही हैं। अपने निजी फायदे के लिए सत्ता का इस्तेमाल करना, समाज में बंटवारा पैदा करना और भारतीय संस्कति व धर्म के प्रति नफरत पालना।
भारत को अस्थिर करने की कोशिश कर रही ताकतों के 3 मुख्य एजेंडे- BJP
उन्होंने कहा कि ये वो ताकतें हैं जो समाज को बांटना चाहती हैं, देश के संसाधनों को लूटना चाहती हैं और भारतीय संस्कृति व हिंदू धर्म के प्रति नफरत रखती हैं।
ये 'सनातन धर्म के खत्म करने' की बात करने वाले सम्मेलन आयोजित करती हैं, 'हिंदुत्व को खत्म करने' के लिए वैश्विक अभियान चलाती हैं और भारत की संस्थाओं के बारे में भ्रामक बातें फैलाती हैं। ये वही ताकतें हैं जो भारत को आगे बढ़ते हुए नहीं देखना चाहतीं।
त्रिवेदी ने LIC, HAL, SBI और SEBI जैसी संस्थाओं, साथ ही वैक्सीन, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और मतदाता सूची को लेकर बार-बार उठाई जा रही मांगों और आरोपों पर सवाल उठाए।
इनकी बार-बार उठने वाली मांगे रावण के दस सिर जैसी- सुधांशु त्रिवेदी
इन बार-बार उठने वाली मांगों की तुलना रावण के दस सिरों से करते हुए उन्होंने कहा, 'असल में, रावण की तरह, जिसके दस सिर थे, अलग एक सिर काट दिए जाए, तो तुरंत दूसरा सिर निकल आता है। इनकी मांगे भी कुछ ऐसी हैं, एक मांग पूरी करो, तो उसकी जगह तुरंत दूसरी मांग आ जाती है।'
इनकी मांगों के पीछे छिपे असल इरादे- सुधांशु त्रिवेदी
उन्होंने तर्क दिया कि अलग-अलग आंदोलनों में इस्तेमाल की जाने वाली एक जैसी भाषा से उनके असली एजेंडे को पहचाना जा सकता है। माता सीता के अपहरण से पहले रावण द्वारा साधु का भेष धारण करने का उदाहरण देते हुए, त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें अपनी जायज लगने वाली मांगों के पीछे अपने असली इरादों को छिपा रही हैं।
उनका लक्ष्य हिंसा और सोची-समझी साजिश के जरिए सत्ता परिवर्तन करना- BJP
उन्होने कहा कि रामायण में जब रावण माता सीता का अपहरण करने आया था, तो वह अपने असली राक्षसी रूप में नहीं आया था, बल्कि उनसे एक साधु का भेष धारण कर लिया था। आज भी, कई ताकतें ऐसे ही भेष में, धोखे का सहारा लेकर काम कर रही हैं। उनका असली मकसद वो मांगे नहीं हैं जो वे सामने रखती हैं, उनका एकमात्र लक्ष्य हिंसा और सोची-समझी साजिश के जरिए सत्ता परिवर्तन करना है।
