नई दिल्ली। सोनीपत के कॉलेज में पढ़ने वाली छात्रा के साथ गैंग रेप मामले में सुप्रीम कोर्ट तीनों आरोपी लड़को को जवाब दाखिल करने के लिए 5 दिनों का समय दिया है। अब मामले की अगली सुनवाई गुरुवार को होगी। वही, सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि इस मामले में जांच के लिए वो तैयार है।

सीबीआई ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि हरियाणा के सोनीपत में एक निजी यूनिवर्सिटी की एमबीए की छात्रा को कथित रूप से ब्लैकमेल कर उससे सामूहिक बलात्कार करना घिनौना मामला है और इस मामले पर गंभीरता से विचार की जरूरत है।


जस्टिस एके सीकरी और जस्टिस उदय यू ललित की अवकाशकालीन पीठ के समक्ष अतिरिक्त सालिसीटर जनरल पिंकी आनंद ने कहा था कि क्योंकि सीबीआई को संबंधित दस्तावेजों को बारीकी से देखना होगा, इस पर कोर्ट ने मामले को आज के लिए सूचीबद्ध कर दिया था। कोर्ट ने कहा कि सभी आरोपियों पर सोनीपत जेल में न्यायिक हिरासत में ही नोटिस तामील किया जाना चाहिए। कोर्ट ने हिसार स्थित ओपी जिन्दल ग्लोबल यूनिवर्सिटी को नोटिस से मुक्त कर दिया। याचिका में इस संस्थान को भी पक्षकार बनाया गया था।


कोर्ट ने आज हरियाणा पुलिस की इस मामले में प्रगति रिपोर्ट को भी देखा। इससे पहले वरिष्ठ वकील इन्दिरा जयसिंह ने मामले में पुलिस के बारे कहा था कि पुलिस लैपटाॅप और मोबाइल फोन सरीखे इलेक्ट्रानिक साक्ष्य नष्ट कर रही है। इन्हीं इलेक्ट्रानिक उपकरणों के माध्यम से आरोपियों ने दूसरे छात्रों के साथ तस्वीरें साझा की थीं।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने खेद जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि यह ऐसा मामला है जिसमें सभी आरोपी वकील बनने वाले हैं। एक ऐसा पेशा, जो लोगों को न्याय दिलाता है। एमबीए की 21 वर्षीय पीड़ित छात्रा का आरोप है कि यूनिवर्सिटी के कुछ सीनियर छात्र उसकी तस्वीर लेने के बाद उसे ब्लैकमेल कर रहे थे और उन्होंने उसे उनके साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए बाध्य किया। इस छात्रा का आरोप है कि 3 सीनियर छात्रों ने परिसर के भीतर और बाहर यहां तक कि उसे चंडीगढ़ लाकर उसका बार-बार बलात्कार किया और अब वे उसकी तस्वीरें सार्वजनिक करने की धमकी दे रहे हैं।

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Posted By: Shashi Bhushan