जागरण संवाददाता, अमृतसर। भारत-पाकिस्तान के विदेश सचिवों की पिछले दिनों दिल्ली में हुई बैठक में अहम फैसले लिए गए थे। दोनों देशों की जेलों में बंद एक दूसरे की नागरिकों की सजा पूरी होने पर उनके देश भेजने पर सहमती बनी थी। इसी के तहत भारत ने मंगलवार को 18 पाकिस्तानी कैदियों को रिहा कर दिया।

सभी कैदियों को गुजरात के कच्छ-भुज जेल से अमृतसर स्थित अटारी बॉर्डर लाया गया। पाकिस्तानी मछुआरों को दोपहर अटारी वाघा बॉर्डर सरहद के रास्ते पाकिस्तान भेजा गया। मछुआरों का कहना था कि समुद्र में तूफान आने के कारण वे भारतीय सीमा में आ गए। उनको भारतीय सेना ने पकड़ लिया। यहां उन्हें छह माह कैद की सजा भुगतनी पड़ी। सजा पूरी करके वे स्वदेश लौट रहे हैं।

मछुआरों ने कहा कि दोनों देशों की सरकारों को उनकी नाव भी वापस करनी चाहिए, ताकि वे फिर मछलियां पकड़ कर अपने परिवार का पेट भर सकें।

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