24 घंटे का दौरा, 15 हजार सुरक्षाकर्मी... चिनफिंग के भारत दौरे पर सिक्योरिटी के पुख्ता इंतजाम
चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 में शामिल होने के लिए 24 घंटे के भारत दौरे पर दिल्ली आए हैं।

शी चिनफिंग के भारत दौरे पर सुरक्षा के लिए 15,000 सैनिक तैनात (फोटो-पीटीआई)
HighLights
शी चिनफिंग 24 घंटे के लिए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन हेतु दिल्ली में।
सुरक्षा में 15 हजार सैनिक तैनात, ताज पैलेस नो-फ्लाई जोन।
परमाणु, रेडिएशन, बायोकेमिकल खतरों की जांच के विशेष उपाय।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 में शामिल होने के लिए आज शनिवार को देश की राजधानी दिल्ली में आए हैं। चिनफिंग सात साल बाद भारत दौरे पर हैं।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी और शी चिनफिंग की मुलाकात हुई। इसके बाद भारत-चीन के बीच द्विपक्षीय वार्ता में पीएम मोदी और शी चिनफिंग ने दोनों देशों के हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
24 घंटे के लिए 15 हजार सैनिक
चीन के राष्ट्रपति भारत दौरे पर सिर्फ 24 घंटे के लिए आए हैं। शी चिनफिंग के साथ वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और बिजनेस लीडर्स का एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल आया है।
जांच में परमाणु, रेडिएशन और बायोकेमिकल खतरों का पता लगाने के उपाय भी शामिल किए गए हैं। होटल के आसपास की अंडरग्राउंड पाइपलाइन और अन्य बुनियादी ढांचे की भी जांच की गई है।
शी चिनफिंग के करीब 24 घंटे के भारत दौरे के दौरान उनकी आवाजाही और ठहरने की जगह की सुरक्षा में कई एजेंसियां तैनात रहेंगी।
होटल से लेकर रास्ते तक कड़ी निगरानी
शी चिनफिंग के भारत दौरे के लिए दिल्ली में 15 हजार सैनिक तैनात हैं। चिनफिंग नई दिल्ली के ताज पैलेस में ठहरेंगे। फिलहाल, होटल के सभी कमरे बुक हो चुके हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, चीनी राष्ट्रपति जिस होटल में ठहरे, उसके आसपास सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। होटल को नो-फ्लाई जोन बनाया गया है। यहां एंटी-टेरर और बम निरोधक दस्तों की तैनाती के साथ सुरक्षा की कई स्तरों पर जांच की व्यवस्था की गई है।
संभावित परमाणु, विकिरण और जैव-रासायनिक खतरों से निपटने के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। होटल के आसपास भूमिगत पाइपलाइन और अन्य महत्वपूर्ण ढांचे की भी पुख्ता जांच की गई है।
चीन से चिनफिंग के साथ आए विदेशी सुरक्षा दलों को भी भारत के नियमों का पालन करना होगा। सुरक्षा से जुड़े कुछ उपकरण और हथियार भारत में लाने पर प्रतिबंध है, जबकि कुछ सामान को पहुंचने के बाद सीमा शुल्क अधिकारियों के पास जमा करना होता है।
अधिकारियों के मुताबिक, विदेशी सुरक्षा दलों की जरूरतों और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दिल्ली पुलिस तथा अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय कर पूरा किया गया। यह पूरी व्यवस्था विदेश मंत्रालय के प्रोटोकाल के तहत की गई।
10 दिन पहले पहुंची शी की खास कारशी चिनफिंग के भारत आने से करीब 10 दिन पहले चीन ने एक कार्गो विमान भेजा था। इसमें उनकी सरकारी ‘होंगकी’ लिमोजिन, एक बैकअप कार और संचार से जुड़े उपकरण लाए गए।
चीन वापसी के लिए चिनफिंग के रविवार सुबह करीब 11 बजे भारत मंडपम से एयरपोर्ट के लिए रवाना होने की उम्मीद है।काले कपड़ों से ढकी चिनफिंग की कार शी की सरकारी कार को काले सुरक्षात्मक कवर में ले जाते हुए भी देखा गया।
विदेश दौरों पर राष्ट्राध्यक्षों की खास गाड़ियों को इस तरह ढककर ले जाना असामान्य नहीं है। इससे गाड़ी को धूल, मौसम और परिवहन के दौरान होने वाले नुकसान से बचाया जाता है। साथ ही, इससे गाड़ी को राष्ट्रपति के इस्तेमाल से पहले सुरक्षित और बेहतर स्थिति में रखा जा सकता है।
हाई सिक्योरिटी वाला विमान साथ आया
शी चिनफिंग एयर चाइना के विशेष रूप से तैयार किए गए बोइंग 747-8 विमान से यात्रा करते हैं। यह विमान चीन के शीर्ष नेतृत्व के लिए इस्तेमाल होने वाले विशेष विमानों में शामिल है और जरूरत पड़ने पर इसे मोबाइल कमांड सेंटर के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
मूल रूप से यह एक वाणिज्यिक यात्री विमान था। बाद में इसे विशेष रूप से तैयार कर सुरक्षित संचार व्यवस्था और अन्य सुरक्षा सुविधाओं से लैस किया गया। विमान में सुरक्षित संचार प्रणाली के जरिए चीन के सरकारी और सैन्य कमांड केंद्रों से संपर्क बनाए रखने की सुविधा है।
