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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 03, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भोपाल में 13 लोगों ने शुरू की थी तब्लीगी जमात, अब जुटते हैं लाखों

By Nitin AroraEdited By:
Published: Fri, 03 Apr 2020 09:48 AM (IST)

पहले एक छोटी मस्जिद में हुआ जलसा अब शहर से बाहर होता है आयोजन।

भोपाल में 13 लोगों ने शुरू की थी तब्लीगी जमात, अब जुटते हैं लाखों
भोपाल में 13 लोगों ने शुरू की थी तब्लीगी जमात, अब जुटते हैं लाखों

भोपाल, नईदुनिया। भोपाल में करीब 76 साल पहले 13 लोगों ने तब्लीगी जमात की शुरुआत की थी। अब यहां देश स्तर का सबसे बड़ा जलसा प्रति वर्ष आयोजित होता है। इसमें 13-14 लाख लोग शामिल होते हैं। उत्त्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के कांधला में 1885 में जन्मे मोहम्मद इलियास कांधलवी ने 1927 में तब्लीगी जमात की नींव रखी थी, लेकिन भोपाल में इस विचारधारा को सबसे बड़ा मुकाम मिला।

देवबंदी विचारधारा से प्रभावित मुसलमानों ने धार्मिक आंदोलन के लिए इसे अभियान के तौर पर आगे बढ़ाया। दुनियाभर के इस्लामिक देशों में तब्लीगी जमात का जलसा होता रहता है। भोपाल में यह जलसा नवंबर-दिसंबर में होता है। जानकार बताते हैं कि तब्लीगी इज्तिमा की शुरुआत भोपाल में 1944 में हुई थी। तब सिर्फ13 लोग ही अभियान में शामिल थे।

तब्लीगी जमात को मोहम्मद इमरान खान और मौलाना याकूब बड़े पीर साहब ने पुष्पित और पल्लवित किया। शुरुआत एक छोटी मस्जिद से हुई और बाद में एशिया की सबसे बड़ी मस्जिदों में शुमार ताजुल मस्जिद में आयोजन होने लगा। देश-विदेश से भारी संख्या में लोगों के आने पर इसे शहर के बाहर ईटखेड़ी में आयोजित किया जाने लगा। नवंबर में होने वाले इस आयोजन की तैयारी छह माह पहले ही शुरू हो जाती है।

गलत व्याख्या की जा रही: हाजी हारून

जमीयत-ए-उलेमा मध्य प्रदेश के अध्यक्ष हाजी मोहम्मद हारून कहते हैं कि तब्लीगी जमात की गलत व्याख्या की जा रही है। निजामुद्दीन में सिर्फ मस्जिद नहीं, बल्कि तब्लीगी जमात का केंद्र है। वहां हॉस्टल है और देश-दुनिया के प्रतिभागी वहां जुटते हैं। कोरोना का लॉकडाउन हुआ तो वहां भी लोग लॉकडाउन हो गए। उन लोगों को जैसी सहूलियत मिल रही है, उस हिसाब से निकल रहे हैं।

बता दें कि दक्षिण दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में पिछले दिनों आयोजित हुए तबलीगी जमात में हजारों लोगों के जुटने की खबर ने सबके कान खड़े कर दिए। दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन स्थित मरकज में 13 से 15 मार्च के बीच तब्लीगी मरकज में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे। बताया जा रहा है कि मरकज से जुड़े कोरोना पीड़ित इंडोनेशिया, मलेशिया व जापान भी गए थे। वहां से लौटने के बाद यह लोग पूरे देश में अलग-अलग स्थानों पर गए और इनमें अधिकतर लोगों में कोरोना पॉजिटिव की पुष्टि हुई है। इन मामलों के बाद देशभर में संक्रमित लोगों का आंकड़ा काफी आगे बढ़ गया है।

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