भोपाल, जेएनएन। प्रदेश में अभी तक कोरोना के सात लाख 91 हजार मरीज मिल चुके हैं। इनमें करीब 40 फीसद यानी तीन लाख से ज्यादा को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ी है लेकिन इनमें आयुष्मान योजना के तहत सिर्फ 12 हजार का ही इलाज हुआ है, जबकि प्रदेश में कुल आबादी में आयुष्मान हितग्राही चार करोड़ 70 लाख (एक करोड़ 35 लाख परिवार) हैं। यह जानकारी मंगलवार को राजधानी के मिंटो हॉल में आयोजित आयुष्मान हितग्राही सम्मेलन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दी। उन्होंने कहा कि सभी हितग्राहियों का कार्ड बनाया जाएगा लेकिन अभी यदि परिवार में किसी एक के पास भी कार्ड है तो भी इलाज दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में कोरोना मरीजों की न्यूनतम संख्या प्रतिदिन छह तक पहुंच गई थी जो अब बढ़कर 18 तक पहुंच रही है। इस कारण चिंता बढ़ रही है। लिहाजा सभी मास्क लगाएं, शारीरिक दूरी रखें, ताकि तीसरी लहर न आने पाए। मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में कुछ हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड भी बांटे। बताया जा रहा है कि अभी तक कुल हितग्राहियों में से ढाई करोड़ के कार्ड बन चुके हैं। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने बताया कि अब घर-घर जाकर आयुष्मान कार्ड बनाए जाएंगे। इसके लिए 'आपके द्वार आयुष्मान 2.0' योजना का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने किया। सम्मेलन में महिंद्रा कंपनी की तरफ से दान में मिली 10 एंबुलेंस को भी मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह एंबुलेंस जिलों में सीएमएचओ द्वारा संचालित की जाएंगी।

सीएम ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से की बात

मुख्यमंत्री ने सम्मेलन स्थल से योजना के तहत इलाज करा चुके और इलाज करवा रहे मरीजों से बात की। सबसे पहले उन्होंने चिरायु अस्पताल में भर्ती मोनू खान से बात की। सागर के रहने वाले मोनू ने बताया कि उनकी पेट की सर्जरी हुई है। सीएम बोले- बेटा मेरी कसम खाकर बोलो, अस्पताल ने पैसा तो नहीं लिया। इस पर बच्चा थोड़ी देर के लिए झेंप गया। वह कुछ देर बाद बोला कि पैसे नहीं लिए।

Edited By: Neel Rajput