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नापाक मंसूबे नाकाम! चीन से पाकिस्तान ले जाई जा रही घातक रसायन की भारी खेप जब्त, जांच में खुली पोल

सुरक्षा एजेंसियों ने चेन्नई बंदरगाह पर चीन से पाकिस्तान जा रही एक खेप जब्त की है जिसमें आंसू गैस और दंगा नियंत्रण एजेंट के लिए इस्तेमाल होने वाले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित रसायन हैं। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक पाकिस्तान कथित तौर पर अपने ‘सदाबहार दोस्त’ चीन की मदद से आक्रामक रासायनिक और जैविक युद्ध कार्यक्रम पर काम कर रहा है।

By Jagran News Edited By: Siddharth Chaurasiya Thu, 11 Jul 2024 08:05 PM (IST)
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान के लिए भेजी जा रही चीन की एक खेप को जब्त कर लिया है।

पीटीआई, चेन्नई। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान के लिए भेजी जा रही चीन की एक खेप को जब्त कर लिया है। इसमें टीयर गैस और दंगा नियंत्रण में इस्तेमाल होने वाले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित केमिकलों को ले जाया जा रहा था। गुरुवार को अधिकारियों ने बताया कि भारतीय अधिकारियों ने चेन्नई के बंदरगाह पर चीनी जहाज में लदे बड़े पैमाने पर तबाही करने वाले इस सामान को जब्त कर लिया।

इस मकसद से ले जाया जा रहा था खेप

इसे पाकिस्तान के जैविक और रासायनिक युद्धक कार्यक्रम में इस्तेमाल करने के लिए ले जाया जा रहा था। भारतीय कस्टम अधिकारियों के अनुसार विगत 18 अप्रैल, 2024 को चीन के शंघाई बंदरगाह से यह जहाज (साइप्रस के झंडे तले) रवाना हुआ था। हुंडई शंघाई नाम के इस मालवाहक जलपोत में 25 किलो के 103 ड्रमों में 2560 किलो की रासायनिक खेप थी।

अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान पर अपने मित्र देश चीन के साथ मिलकर घातक रासायनिक और जैविक युद्धक कार्यक्रमों पर काम करने का आरोप है। इसलिए चीन की शेगदू शीचैन ट्रेडिंग कंपनी लिमिटेड ने रावलपिंडी के डिफेंस सप्लायर 'रोहेल इंटरप्राइज' के लिए एक जहाज से 'आर्थो-क्लोरो बेंजीलायडेन मलोनोनाइट्राइल' की खेप बड़ी तादाद रवाना की थी। लेकिन जब कराची जाने वाला यह जहाज तमिलनाडु के बंदरगाह कट्टूपल्ली पहुंचा तो भारत के कस्टम अधिकारियों ने रुटीन जांच में देखा कि खेप में 'स्कोमेट' ले जाई जा रही है।

'स्कोमेट' निर्यात भारत की नियंत्रण सूची में है। लेकिन जब विशेषज्ञों की मदद ली गई तो पता चला कि जहाज की खेप में ले जाया जा रहा केमिकल 'आर्थो-क्लोरो बेंजीलायडेन मलोनोनाइट्राइल' है, जो वासेनार समझौते के तहत सूचीबद्ध है।

भारत ने वासेनार समझौते पर किए थे हस्ताक्षर

ध्यान रहे कि भारत ने वासेनार समझौते पर दस्तखत किए हैं। लेकिन चीन और पाकिस्तान ने नहीं किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्रतिबंधित आर्थो-क्लोरो बेंजीलायडेन मलोनोनाइट्राइल रसायन को सीएस भी कहते हैं जिसका इस्तेमाल आंसू गैस के गोलों के साथ ही बड़ी मात्रा में इस्तेमाल करने पर सैन्य प्रयोग भी हो सकता है।

अमेरिका ने पाकिस्तान के बैलेस्टिक मिसाइल प्रोग्राम में सहयोग करने के लिए चीन की तीन कंपनियों पर पहले ही प्रतिबंध लगा रखा है। इसीलिए बंदरगाह पर भारतीय प्रशासन ने उस जहाज की घातक केमिकल खेप को कस्टम एक्ट, 1962 के प्रविधानों के तहत जब्त कर लिया है।

इस मामले में सामूहिक विनाश के हथियारों को ले जाने (गैरकानूनी गतिविधियों निरोधक) अधिनियम, 2005 के प्रविधानों को भी लगाया गया है। उल्लेखनीय है कि विगत मार्च में मुंबई के न्हासा शेवा बंदरगाह पर भी चीन से कराची जा रहा एक जहाज पकड़ा था जिसमें पाकिस्तानी परमाणु और बैलेस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों से संबंधित साजोसामान मौजूद था।