मोंगिया स्टील प्लांट में काम करता था जावेद

जासं, गिरिडीह : जावेद अंसारी अपने घर का इकलौता कमाऊ सदस्य था। उसकी मौत से परिवार पर संकट छा गया है। पत्नी के क्रंदन से आजाद नगर मोहल्ला के लोग गमगीन है। तीन-तीन छोटे-छोटे बच्चों के सिर से पिता का साया उठ चुका है। जावेद की कमाई से ही उसके दो भाई का भी भविष्य बन रहा था। सभी बेसहारा हो गए हैं। जावेद मोंगिया स्टील प्लांट में काम करता था। कंपनी के प्रचार के लिए जगह-जगह फ्लैक्स और बैनर लगाने का काम उसके जिम्मे था। मोंगिया से मिलने वाली राशि से ही वह अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। उसके पिता की मृत्यु पहले ही हो चुकी है और वह अपने तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। बड़े भाई का फर्ज अदा करते हुए सभी सदस्यों को साथ लेकर चल रहा था और अपनी कमाई से आर्थिक जरूरतों को पूरा करता था। जावेद की तीन संतान है। इनमें एक पुत्री व दो पुत्र शामिल हैं। परिवार के समक्ष आर्थिक समस्या उत्पन्न हो गई।

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