शिशि मृत्यु दर कम करने को राफ्ट मोबाइल एप से हो रही शिशु के स्वास्थ्य की मानीटरिंग

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जासं,सिवान: जिला में नवजात शिशु मृत्यु दर को कम करने की दिशा में अत्याधुनिक तकनीक के सहयोग से कार्य किया जा रहा है। इसके तहत रियल टाइम एनालिसिस एंड फीडबैक टूल (राफ्ट) नामक मोबाइल एप्लीकेशन की मदद से शिशु के स्वास्थ्य की मानिटरिंग की जा रही है। इस तकनीक के जरिये स्वास्थ्य कर्मी आनलाइन जीपीएस के माध्यम से नवजात शिशु के स्वास्थ्य की देखभाल कर रहे हैं साथ ही जिला में शिशु मृत्यु दर को कम से कम करने का प्रयास किया जा रहा है।

नवजात शिशु की छह माह तक की जाती है देखभाल

इस मोबाइल एप के माध्यम से शिशु के जन्म के बाद कमजोर नवजात शिशु की पहचान कर छह महीने तक उसकी विशेष देखभाल केयर इंडिया एवं स्वास्थ्य कर्मी कर रहे हैं। नवजात शिशु के कुपोषित चिह्नित होने के बाद शिशु को उसकी मां के साथ पोषण एवं पुनर्वास केंद्र में 28 दिनों के लिए भर्ती कराया जाता है। जहां शिशु स्वास्थ्य की नियमित देखभाल की जाती है।

कहते हैं अधिकारी

राफ्ट मोबाइल एप की मदद से शिशु के स्वास्थ्य की मानिटरिंग की जाती है। इस मोबाइल एप के माध्यम से शिशु के जन्म के बाद कमजोर नवजात शिशु की पहचान कर लगातार छह महीने तक उसकी विशेष देखभाल केयर इंडिया एवं स्वास्थ्य कर्मी कर रहे हैं।

डा. यदुवंश शर्मा सिविल सर्जन सदर अस्पताल

Edited By: Jagran