जागरण संवाददाता, मेरठ: ज्वाला नगर में शनिवार की रात साढ़े 12 बजे देखे गए तेंदुए का पता वन विभाग नहीं लगा सका है। टीमें लगातार तीसरे दिन भी क्षेत्र में मिल रही सूचनाओं की पुष्टि में लगी रहीं लेकिन तेंदुए की मौजूदगी का कोई प्रमाण नहीं मिला। एक अफवाह ने जरूर ज्वाला नगर के लोगों की धड़कनें बढ़ा दीं लेकिन जब सीसीटीवी की फुटेज में कुछ नहीं मिला तो लोगों ने राहत की सांस ली। 

ज्वाला नगर गली नंबर तीन के पास स्थित राणा मार्केट में जिस तरफ शनिवार को तेंदुआ जाता नजर आया था, वन विभाग की टीम सोमवार दोपहर बारह बजे वहां मौजूद थी। तभी एक महिला ने कहा कि गली नंबर दो में तेंदुआ देखे जाने का शोर मचा है। 

टीम वहां पहुंची तो लोगों ने बताया कि ठेली पर कबाड़ खरीदने वाला युवक शोर मचाता हुआ गया है उसने बसंत कुंज में तेंदुआ देखा है। एक टीम कबाड़ी को ढूंढने में लगी और दूसरी बसंत कुंज पहुंची। एक निर्माणाधीन मकान के आसपास सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई तो कुछ नजर नहीं आया। 

वहीं, तारापुरी निवासी कबाड़ी यासीन ने बताया कि उसने एक जानवर तेजी से जाता देखा था, यह पता नहीं कि वह कुत्ता था कि तेंदुआ। क्षेत्र के निवासियों और वन विभाग की टीम ने यासीन को अफवाह फैलाने के लिए आड़े हाथों लिया। 

तीसरे दिन भी तेंदुआ होने का नहीं मिला कोई भी साक्ष्य

रुड़की रोड स्थित सैन्य क्षेत्र में लगे पिंजरों पर भी नजर ज्वाला नगर के साथ वन विभाग की टीम रुड़की रोड स्थित सैन्य क्षेत्र में प्रतिदिन पिंजरों का अवलोकन कर रही है। यहां पर तीन पिंजरों में बकरी बांधकर तेंदुए को ट्रैप करने की कोशिश चल रही है। सात मई को यहां पर सीसीटीवी फुटेज में तेंदुआ देखा गया था।

तेंदुए की उपस्थिति की संभावना न के बराबर

डीएफओ राजेश कुमार ने बताया कि सोमवार को दिन में ज्वाला नगर और आसपास के क्षेत्र में टीमों ने कांबिंग की है। देर रात नूर नगर में सूचना पर टीम पहुंची। ज्वाला नगर और आसपास के क्षेत्र में अब तेंदुए की उपस्थिति की संभावना न के बराबर है। हालांकि टीमों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

Edited By: Shivam Yadav

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