जागरण संवाददाता, हल्द्वानी: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बलिदानी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद स्वजनों से वार्ता की। उन्होंने बलिदानी की पत्नी शांति देवी को गले से लगाकर ढांढस बधाया। इस दौरान बलिदानी चंद्रशेखर हर्बोला के स्वजनों ने सीएम से बिंता अल्मोड़ा में गांव तक पक्की सड़क बनाने की मांग की।

बलिदानी के स्वजन राजेंद्र हर्बोला ने कहा कि चंद्रशेखर हर्बोला मूलरूप से बिंता अल्मोड़ा के रहने वाले थे। उनके गांव में आज तक पक्की सड़क नहीं है। गांव के लोग राज्य बनने के 22 साल बाद भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।

उन्होंने सीएम से बिंता से गांव तक पक्की सड़क बलिदानी चंद्रशेखर हर्बोला के नाम से बनाने की मांग की। इधर, सीएम ने कहा कि स्वजनों की कई मांगें हैं। उनकी मांगों को गंभीरता से लेकर पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।

कब क्या हुआ

10 बजे- घर के बाहर ताबूत रखने को मंच बनाया

11 बजे- घर व बाहर सड़क पर लोगों का जुटना शुरू हुआ

12 बजे सैन्य अधिकारी व जवान घर के बाहर पहुंचे

12:15 बजे बलिदानी चंद्रशेखर हर्बोला का पार्थिव देह घर पहुंची

12:20 तक पत्नी, बेटियों ने ताबूत पर शीश झुकाया

12:25 बजे पार्थिव देह को अंतिम दर्शन के लिए रखा

12:30 बजे सीएम पुष्कर सिंह धामी श्रद्धांजलि देने पहुंचे

12:45 बजे सीएम स्वजनों से मिलकर वापस लौटे

1:00 बजे सैन्य सम्मान से पार्थिव देह चित्रशीला रानीबाग घाट को रवाना हुई

1:30 बजे देह घाट में पहुंची

2:00 बजे बेटियां भी चित्रशीला रानीबाग घाट पहुंचीं

3:20 बजे बलिदानी का देह ताबूत से बाहर निकाला

3:35 बजे बेटियों, भाई व भतीजे ने बलिदानी को मुखाग्नि दी।

मकानों की छतों से बरसाए पुष्प

सरस्वती विहार के लोगों ने घरों की छतों से भी बलिदानी के पार्थिव देह में छतों से पुष्प बरसाए। सुबह से लोग छतों में खड़े होकर बलिदानी का पार्थिव देह पहुंचने की प्रतीक्षा कर रहे थे।

केंद्रीय रक्षा व पर्यटन मंत्री अजय भट्ट ने कहा कि मां भारती के सपूत चंद्रशेखर के बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा। मैं देवभूमि के इस सपूत को श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूं। साथ ही उनके परिवार के साथ हमेशा खड़ा रहूंगा।

Edited By: Prashant Mishra