यशलोक सिंह, गुरुग्राम

इलेक्ट्रिक वाहनों को भविष्य का वाहन बताया जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से इनको प्रोत्साहित करने के लिए कई प्रकार के कदम उठाए जा रहे हैं। इनकी खरीद पर पंजीकरण से लेकर करों में छूट दी जा रही है। आटोमोबाइल सेक्टर के विशेषज्ञों का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की अधिक से अधिक खरीद के प्रति लोग तभी प्रोत्साहित होंगे जब इससे संबंधित व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाए और वाहनों की बैटरी की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए, यह सबसे अधिक आवश्यक है।

29 जुलाई को गुरुग्राम के एक होटल में आयोजित ईवीकान इंडिया के दौरान आटोमोबाइल क्षेत्र के लोगों ने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए रोड से लेकर चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाने पर जोर दिया। इन सभी का कहना था कि ई-वाहनों में बैटरी की गुणवत्ता पर वर्तमान में प्रश्नचिन्ह लगा हुआ। देश भर के शहरों में बैटरी के फटने के कारण वाहनों के आग लगने की कुछ घटनाएं हुई है। इससे भविष्य में इन वाहनों को खरीदने की योजना बना रहे लोग कुछ न कुछ हतोत्साहित अवश्य हुए हैं। ई-वाहनों की बात करें तो अभी दोपहिया के प्रति ही सबसे अधिक विश्वास लोग दिखा रहे हैं।

नेशनल एसोसिएशन आफ साफ्टवेयर एंड सर्विसेज कंपनीज के द फ्युचर इज इलेक्ट्रिक रिपोर्ट के अनुसार वित्तीय वर्ष 2022 में दोपहिया ई-वाहनों की खरीद में 23 प्रतिशत का उछाल देने को मिला है। जहां वर्ष वित्तीय वर्ष 2021 में देश में 1,43837 दो पहिया वाहनों की खरीद की गई थी वहीं वित्तीय वर्ष में यह संख्या बढ़कर 2,31338 हो गई है। चार पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों की बात की जाए तो इसमें 150 प्रतिशत की वृद्धि रही है। वित्तीय वर्ष 2021 में देश में 5,905 चार पहिया वाहनों की खरीद की गई थी जो वित्तीय वर्ष 2022 में बढ़कर 17,802 हो गई है। आटोमोबाइल सेक्टर के जानकार सुमित मंगला का कहना है कि यदि देश में अभी 46 हजार इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की आवश्यकता है।

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देश में इलेक्ट्रिक वाहनों से संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर अति आवश्यक है। इसके बिना इन वाहनों की खरीद के प्रति लोग प्रोत्साहित नहीं होंगे। चार्जिंग स्टेशन का पर्याप्त संख्या स्थापित किया जाना चाहिए।

एसके आहूजा, महासचिव, गुड़गांव चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री ई-वाहनों को बढ़ावा देकर वायु प्रदूषण से ²ढ़ता के साथ निपटा जा सकता है। साथ ही पेट्रोलियम के मामले में भी दूसरे देशों पर भारत की निर्भरता को घटाया जा सकता है।

प्रवीण यादव, अध्यक्ष, गुड़गांव उद्योग एसोसिएशन

Edited By: Jagran