लातेहार के पूर्व सिविल सर्जन को कोर्ट में किया गया पेश

संवाद सूत्र, लातेहार : गंभीर रूप से बीमार लातेहार के पूर्व सिविल सर्जन डा. हरेनचंद्र महतो को रिम्स ले जाने से रोका गया। रिम्स पहुंचने के कुछ ही पहले रास्ते से ही उन्हें वापस मंडल कारा लाया गया और अदालत में पेश किया गया। मामले के अनुसार डा. महतो की गवाही हेतु एक मुकदमे में प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार दास की अदालत से समन निर्गत किया गया था। उक्त आलोक में सरकारी अधिवक्ता बलराम साह ने कोर्ट को लिखित जानकारी दी कि गवाह डा. महतो एक मुकदमे में काराधीन हैं। उसके बाद अदालत ने काराधीन डा. महतो को गवाही हेतु कोर्ट में प्रस्तुत करने का आदेश निर्गत किया। कारा अधीक्षक ने अदालत को कोई जवाब नहीं दिया। जिससे क्षुब्ध अदालत ने कारा अधीक्षक को कारण पृच्छा जारी करते हुए कहा की ससमय गवाह को क्यों नहीं पेश किया गया। कोर्ट का उक्त शोकाज आदेश प्राप्त करते ही कारा अधीक्षक ने रिम्स रेफर किए गए गंभीर रूप से बीमार डा. महतो को मांडर के पास से वापस लातेहार लाने का निर्देश एम्बुलेंस कर्मचारियों को दिया। उसके बाद एंबुलेंस से डा. महतो को वापस लातेहार लाया जाने लगा तभी चंदवा घाटी में उनकी स्थिति और बिगड़ गई। आनन-फानन में उन्हें चंदवा सीएचसी में लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उपचार करने के उपरांत उन्हें पुनः रिम्स रेफर कर दिया गया, फिर कारा अधीक्षक ने उन्हें अदालत में पेश किया। दास की अदालत ने डा. महतो की स्वास्थ्य की गंभीरता को देखते हुए कारा अधीक्षक को अविलंब रिपोर्ट पेश करने को तलब किया। डा. महतो के अधिवक्ता सुनील कुमार ने बताया कि पिछले कई दिनों से डा. महतो के स्वास्थ्य में तेजी से गिरावट को देखते हुए चिकित्सकों की टीम ने उन्हें बेहतर इलाज हेतु रांची रिम्स रेफर कर दिया था। लेकिन कारा प्रबंधन के द्वारा अदालत को सही जानकारी उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण डा. महतो एवं उनके स्वजनों को काफी परेशानियों के दौर से गुजरना पड़ा। इस बाबत जानकारी के लिए कारा अधीक्षक को फोन किया गया तो उनका फोन नाट रिचबल मिला।

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