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FBI का 'ऑपरेशन हार्ड बॉल': भारत-अमेरिका संबंधों में नया तनाव ला सकती है लारेंस बिश्नोई की प्रत्यर्पण मांग

Published: Wed, 08 Jul 2026 08:26 PM (IST)Updated: Wed, 08 Jul 2026 08:34 PM (IST)

अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के प्रत्यर्पण की मांग से भारत-अमेरिका संबंधों में नया तनाव आ सकता है।

भारत-अमेरिका संबंधों में नया तनाव ला सकती है लारेंस बिश्नोई की प्रत्यर्पण मांग।

भारत-अमेरिका संबंधों में नया तनाव ला सकती है लारेंस बिश्नोई की प्रत्यर्पण मांग।

HighLights

  1. अमेरिका ने लॉरेंस बिश्नोई के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया तेज की।

  2. एफबीआई ने 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' में बिश्नोई को सरगना बताया।

  3. बिश्नोई पर निज्जर हत्या और अंतरराष्ट्रीय अपराधों का आरोप।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। ट्रंप प्रशासन के दूसरे कार्यकाल में पहले से ही भारत और अमेरिका के बीच के तनावपूर्ण माहौल में गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई की प्रत्यर्पण मांग एक नया विवादास्पद मुद्दा बनकर उभर सकता है। अमेरिकी न्याय विभाग ने एक दिन पहले जारी आरोप पत्र में बिश्नोई को अंतरराष्ट्रीय अपराध सिंडिकेट का सरगना बताते हुए उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया तेज करने के संकेत दिए हैं।

विदेश मंत्रालय ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन कनाडा में भारतीय राजदूत ने भारत की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि बिश्नोई भारत में कानूनी प्रक्रिया का सामना कर रहा है। ट्रंप प्रशासन इस मुद्दे पर किस तरफ ले जा रही है इसका अंदाजा एफबीआई निदेशक काश पटेल की तरफ से सोशल मीडिया पर लिखे गये संदेश से भी लगाया जा सकता है।

विश्नोई पर कनाडा में खालिस्तान समर्थक आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आरोप है लेकिन एफबीआई निदेशक ने निज्जर को एक धार्मिक व्यक्ति करार दिया है।

पटेल ने वैसे निज्जर का नाम नहीं दिया है लेकिन लिखा है कि, “देश भर में और कनाडा, यूरोप, भारत तथा मैक्सिको में, हमने 24 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया और तीन भारत-आधारित ट्रांसनेशनल संगठित अपराध समूहों से जुड़े 37 व्यक्तियों पर आरोप लगाने की प्रक्रिया शुरू की है, जिनमें जबरन वसूली, नशीले पदार्थों की तस्करी और कई लक्षित हत्याएं शामिल हैं, इनमें वर्ष 2023 में कनाडा में एक प्रमुख भारतीय राजनेता और धार्मिक शख्सियत की हत्या भी शामिल है।”

पटेल ने उक्त जानकारी “ऑपरेशन हार्ड बॉल” के बारे में दी है। निज्जर की हत्या के बाद भारत व कनाडा के रिश्ते रसातल में चले गये थे क्योंकि तब पूर्व पीएम जस्टिन ट्रुडो ने इसका आरोप भारतीय जांच एजेंसियों पर लगाया था।

उधर, कैलिफोर्निया जिला न्यायालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में “ऑपरेशन हार्ड बॉल” को भारत-आधारित अपराध सिंडिकेट्स के खिलाफ वर्षों लंबी जांच का नतीजा बताया गया है। इसमें रैकेटियरिंग, लक्षित हत्याएं, गोलीबारी, जबरन वसूली, अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर नशीले पदार्थों की भारी मात्रा में तस्करी और अन्य अपराधों में शामिल लोगों का जिक्र है जिनका प्रभाव खासतौर पर भारतीय डायस्पोरा पर पड़ रहा है।

कुल 37 आरोपियों पर तीन आरोप पत्र दाखिए किये गये हैं, जिनमें दो ऐसे आरोपी भी शामिल हैं जो भारत की जेल में बंद रहते हुए अपने वैश्विक अपराध सिंडिकेट चला रहे थे। इसमें विश्वोई के बारे में बताया गया है कि, वह लंबे समय से भारत की जेल में बंद एक गैंगस्टर है। जेल से पहले वह खुद को यूनिवर्सिटी का स्टूडेंट लीडर बताता है।

बिश्नोई सोशल मीडिया पोस्ट और न्यूज इंटरव्यू के जरिए खुद को देशभक्त, राष्ट्रवादी व धार्मिक व्यक्ति के रूप में दिखाता था। इस छवि का इस्तेमाल करके वह भारत, अमेरिका और दूसरे देशों में अपने अपराध गिरोह के लिए नए सदस्य और साथी भर्ती करता है। निजी रूप में बिश्नोई एक बड़े अपराधी नेटवर्क का सरगना था, जो कई महाद्वीपों तक फैला हुआ था।

जेल में चोरी से लाए गए मोबाइल फोन और इंटरनेट वाले उपकरणों का इस्तेमाल करके वह खुद दुनिया भर में अपने लोगों को निर्देश देता था। उसके आदेश पर उसके गिरोह के सदस्य राजनीतिक हत्याएं, सामान्य हत्याएं, गोलीबारी, फिरौती, अपहरण, ड्रग तस्करी, मानव तस्करी और दूसरे कई अपराध करते थे।”

सनद रहे कि कनाडा पहले ही बिश्नोई सिंडिकेट को आतंकवादी इकाई घोषित कर चुका है, जबकि अमेरिका अब प्रत्यर्पण की दिशा में सक्रिय हो गया है। भारत की ओर से अभी तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक दिल्ली इस मामले को द्विपक्षीय वार्ता के जरिए सुलझाने की कोशिश कर रही है।