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लद्दाख की खूबसूरती से खिलवाड़ करने पर नहीं बख्शे जाएंगे पर्यटक, 12 बाइकर्स और SUV चालक पर 1.70 लाख का जुर्माना

By Digital Desk Edited By: Rahul Sharma
Published: Tue, 14 Jul 2026 03:13 PM (IST)

लद्दाख प्रशासन ने संरक्षित क्षेत्रों में अवैध ऑफ-रोडिंग पर सख्त कार्रवाई करते हुए 12 बाइकर्स और एक एसयूवी चालक पर कुल 1.70 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

लद्दाख में अवैध ऑफ-रोडिंग पर प्रशासन का कड़ा रुख 12 बाइकर्स और एसयूवी चालक पर भारी जुर्माना।

लद्दाख में अवैध ऑफ-रोडिंग पर प्रशासन का कड़ा रुख 12 बाइकर्स और एसयूवी चालक पर भारी जुर्माना।

HighLights

  1. लद्दाख में अवैध ऑफ-रोडिंग पर सख्त कार्रवाई।

  2. 12 बाइकर्स और एक एसयूवी चालक पर जुर्माना।

  3. पर्यावरण संरक्षण बल (EPF) से निगरानी मजबूत हुई।

डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। वन्यजीव संरक्षित क्षेत्रों में बढ़ते अवैध ऑफ-रोडिंग के खतरे पर कड़ा रुख अपनाते हुए लद्दाख प्रशासन ने पहली बार मोटरसाइकिल समूहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है।

मोरिरी झील के पास स्थित संरक्षित पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध रूप से प्रवेश करने पर 12 बाइकर्स पर 1.20 लाख रुपये यानी प्रति बाइक 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वहीं, पैंगोंग झील के पास एसयूवी चलाने वाले एक अन्य पर्यटक पर 50,000 रुपये का दंड लगाया।

4 जुलाई 2026 को वन्यजीव अधिकारियों ने गुरुग्राम स्थित टूर ऑपरेटर 'वांडरऑन एक्सपीरियंसेज प्राइवेट लिमिटेड' से जुड़े 12 बाइकर्स के एक समूह को पकड़ा। ये सभी सो मोरिरी के करीब ऑफ-रोड अवैध रूप से बाइक चला रहे थे।

सो मोरिरी चांगथांग वन्यजीव अभयारण्य के अंतर्गत आने वाला पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील आर्द्रभूमि क्षेत्र है। यह समूह वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम का उल्लंघन करता पाया गया। जिसके एवज में सभी से कुल 1.20 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया।

30 जून को पैंगोंग झील पर पकड़ी गई एसयूवी

इससे पहले 30 जून 2026 को पैंगोंग झील के पास मान गांव में नियमित गश्त के दौरान वन्यजीव विभाग के अधिकारियों ने उत्तर प्रदेश नंबर UP12CA5111 वाली महिंद्रा XUV 3XO को रोका। यह वाहन चांगथांग वन्यजीव अभयारण्य के भीतर झील के पास अवैध रूप से ऑफ-रोड चलाया जा रहा था। वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के तहत वाहन को जब्त कर लिया गया। मेरठ, उत्तर प्रदेश निवासी चालक पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया और भुगतान के बाद जब्त वाहन को छोड़ दिया गया।

पिछले कुछ वर्षों में लद्दाख मोटरसाइकिल प्रेमियों के लिए देश के सबसे पसंदीदा स्थलों में से एक बनकर उभरा है। लेकिन पर्यटन में इस वृद्धि के साथ-साथ प्रशासन ने संरक्षित वन्यजीव क्षेत्रों में पर्यटकों के घुसने, नाजुक आर्द्रभूमि, झील किनारों और संवेदनशील आवासों से वाहन चलाने के मामलों में चिंताजनक वृद्धि देखी है। इससे लद्दाख की अनूठी पारिस्थितिकी को अपूरणीय क्षति पहुंच रही है और वन्यजीवों को परेशानी हो रही है।

ईपीएफ की तैनाती से निगरानी हुई मजबूत

उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि लद्दाख के पहाड़, झीलें, नदियां और वन्यजीव इसके सबसे बड़े खजाने हैं और ये न केवल यहां के लोगों बल्कि पूरे देश के हैं। 'हम लद्दाख की अद्वितीय सुंदरता, संस्कृति और आतिथ्य का अनुभव करने आने वाले हर आगंतुक का तहे दिल से स्वागत करते हैं।'

उन्होंने सभी पर्यटकों से आग्रह किया कि वे मनमोहक परिदृश्यों और अनूठे वन्यजीवों का आनंद जिम्मेदारी से लें और ऐसी किसी भी गतिविधि से बचें जो हमारी नाजुक पारिस्थितिकी को नुकसान पहुंचाए या संरक्षित आवासों को बाधित करे। प्रशासन पर्यटन को बढ़ावा देना जारी रखेगा, लेकिन साथ ही लद्दाख की अमूल्य प्राकृतिक विरासत को खतरे में डालने वालों के खिलाफ कानून को सख्ती से लागू करेगा।

यह सख्त प्रवर्तन उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के अवैध ऑफ-रोडिंग पर रोक लगाने और लद्दाख के पर्यावरणीय रूप से नाजुक परिदृश्यों की रक्षा के निर्देशों के बाद आया है। हाल ही में तैनात लद्दाख पर्यावरण संरक्षण बल (ईपीएफ) के गठन से इस पहल को और गति मिली है। 100 पूर्व सैनिकों से बनी ईपीएफ को पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ मौके पर चालान जारी करने का अधिकार दिया गया है।

आपको बता दें कि दोनों उल्लंघन वन्यजीव विभाग के कर्मियों और वन्यजीव मुखबिरों द्वारा सतर्क गश्त के दौरान पकड़े गए, जो संरक्षित परिदृश्यों में प्रशासन की मजबूत निगरानी व्यवस्था को दर्शाता है।