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न नंबर न एड्रेस... गूगल मैप के सहारे दोस्त को कर्ज लौटाने निकला व्यक्ति; निभाया 35 साल पुराना वादा

Published: Sun, 12 Jul 2026 03:50 PM (IST)

मोहम्मद इस्माइल ने 35 साल पहले सऊदी अरब में अपने दोस्त एडला लचन्ना से उधार लिए 120 रियाल ब्याज सहित 25,000 रुपये लौटाए।

दोस्त ने 35 साल बाद लौटाए उधार पैसे

दोस्त ने 35 साल बाद लौटाए उधार पैसे

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डिजिटल डेस्क, हैदराबाद। तेलंगाना के जगतियाल में दोस्ती की अनोखी मिसाल का अनोखा मामला सामने आया है। जहां 35 साल बाद दोस्त ने अपने दोस्त से उधार लिए पैसे ब्याज समेत वापस लौटाए। इतने साल बीत जाने के बाद भी व्यक्ति ने अपने दोस्त से किया गया वादा निभाया। दोस्त से लिए गए 1 हजार रुपये उसने ब्याज समेत वापस किये।

35 साल बाद दोस्त के घर पहुंचे व्यक्ति ने उसे ब्याज समेत 25 हजार रुपये लौटाए।

सऊदी अरब से शुरू हुई कहानी

इस कहानी की शुरुआत 1990 में सऊदी अरब में हुई थी। केरल के मोहम्मद इस्माइल और तेलंगाना के एडला लचन्ना सऊदी अरब में एक साथ काम करते थे। इसी दौरान इस्माइल ने अपने सहकर्मी लचन्ना से 120 सऊदी रियाल उधार लिए थे। यह रकम उस समय करीब एक हजार रुपये के करीब थी।

कुछ समय के बाद दोनों काम छोड़कर भारत वापस लौट आए। दोनों अपने-अपने रास्ते निकल गए। दोनों के पास एक-दूसरे से संपर्क करने के लिए भी कुछ नहीं थी, क्योंकि उस दौर में फोन और इंटरनेट जैसी सुविधाएं नहीं थी। इस वजह से दोनों का संपर्क हमेशा के लिए टूट गया।

35 साल बाद लौटाया उधार

तीन दशक से भी ज्यादा समय बाद इस्माइल ने अपने दोस्त को खोजने का फैसला लिया। उनके पास बस धुंधली यादें और एक ऐसा वादा था जिसे वह पूरा करना चाहते थे। लचन्ना का कोई नंबर या पता भी उनके पास नहीं था। केरल से हजारों किलोमीटर का सफर तय कर इस्माइल तेलंगाना पहुंचे।

उन्हें बस इतना याद था कि लचन्ना धर्मपुरी के रहने वाले थे। गूगल की मदद और उस एक जानकारी का इस्तेमाल करके, इस्माइल जगतियाल जिले के धरमापुरी गांव पहुंच गए। वहां उन्होंने लचन्ना को 30 साल पुराने 120 सऊदी रियाल के बदले, आज के एक्सचेंज रेट के हिसाब से 25 हजार रुपए लौटाए और उधारी चुकाई।

इस्माइल के पैसे वापस लौटाने पर लचन्ना ने उनका शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि हम दोनों सऊदी अरब के अबकैक में रहते थे। शाम को हम उनके कमरे पर जाते, खाना बनाते और साथ में खाते थे। इसी तरह हमारी दोस्ती बढ़ी। बाद में, मैंने उन्हें सऊदी अरब की करेंसी, 120 रियाल दिए थे।

उन्हें पैसे उधार दिए हुए लगभग 35 साल हो चुके हैं। मुझे नहीं पता कि उन्होंने उन 120 रियाल के बदले 25,000 रुपये का हिसाब कैसे लगाया। वह बहुत ईमानदार और अच्छे इंसान हैं। इसीलिए उन्होंने मुझे ज्यादा पैसे दिए। यह हमारी दोस्ती की ही एक मिसाल।