राष्ट्रीय लोक अदालत में 16776 वाद निस्तारित

जागरण संवाददाता, हाथरस : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन शनिवार को जनपद न्यायाधीश मृदुला कुमार की अध्यक्षता में किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में 16,776 वादों का निस्तारण किया गया। इस दौरान तमाम मुकदमों में अर्थदंड भी वसूला गया। वित्तीय वर्ष की द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकृति के जो 16776 वाद निस्तारित किए गए उनमें 16 मोटर दुर्घटना प्रतिकर के वाद का निस्तारण कर एक लाख 34 हजार रुपये प्रतिकर के रूप में दिलाए गए। 51 सिविल वाद, 55 पारिवारिक वाद, 168 विद्युत अधिनियम के वादों का निस्तारण कर एक लाख 16 हजार अर्थदंड वसूले गए। 11 वाद धारा 138 एनआइ एक्ट, 15,262 राजस्व वादों का निस्तारण कर 3,32,120 रुपये जुर्माना वसूला गया। पांच वाद जिला उपभोक्ता फोरम एवं 1129 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर तीन लाख 70,260 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूले गए। प्रिलिटिगेशन स्तर पर बैंक के कुल 75 मामलों का निस्तारण कर एक लाख 10 हजार 87 रुपये में समझौता दाखिल किया गया तथा चार वाद स्थायी लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित किए गए। जनपद न्यायाधीश मृदुला कुमार के न्यायालय से एक फौजदारी वाद का निस्तारण हुआ। प्रधान न्यायाधीश अखिलेश दुबे के परिवार न्यायालय में कुल 54 पारिवारिक वादों का निस्तारण किया गया, जिनमें पांच जोड़े साथ-साथ राजी खुशी अपने घर गए। प्रिलिटिगेशन वैवाहिक मामलों का भी निस्तारण किया गया। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण में पीठासीन अधिकारी का पद रिक्त होने के कारण पीठ का गठन किया गया जिसमें अपर जनपद न्यायाधीश पूजा सिंह व विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी अधि.) की ओर से 16 मोटर दुर्घटना प्रतिकर के वादों का निस्तारण कर एक लाख 34 हजार रुपये प्रतिकर के रूप में दिलाए गए। अपर जनपद न्यायाधीश पूजा सिंह कक्ष संख्या-1 के न्यायालय से एक फौजदारी वाद का निस्तारण कर 500 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूले गए। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नम्रता शर्मा के न्यायालय से 586 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर दो लाख 57 हजार 180 रुपये अर्थदंड वसूला गया। अपर जनपद न्यायाधीश विनीत चौधरी की कोर्ट संख्या-2 हाथरस के न्यायालय से चार फौजदारी वाद का निस्तारण कर दो हजार अर्थदंड के रूप में वसूल किये गए। इसके अतिरिक्त 168 विद्युत अधिनियम के वादों का निस्तारण कर एक लाख 16 हजार रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किये गये। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चेतना सिंह के न्यायालय से 175 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर 6,200 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूले गए। एडीएम, उपजिलाधिकारी की कोर्ट में भी वादों का निस्तारण किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अपेक्षा सिंह के मुताबिक उप संभागीय परिवहन अधिकारी ने 93 मामलों का निस्तारण कर तीन लाख रुपये वसूले। प्रिलिटीगेशन स्तर पर बैंकों द्वारा कुल 75 मामलों का निस्तारण कर एक लाख 10 हजार रुपये में समझौता किया गया। अधिवक्ताओं ने किया लोक अदालत का बहिष्कार जासं, हाथरस : डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ताओं ने शनिवार को लोक अदालत का बहिष्कार किया। अधिवक्ताओं ने दीवानी परिसर में प्रदर्शन कर नारेबाजी की। इसकी जानकारी पर भारी संख्या में पुलिस बल न्यायालय परिसर में तैनात रहा। अधिवक्ताओं ने पूर्व में राष्ट्रीय लोक अदालत के बहिष्कार का एलान किया था। शनिवार को अधिवक्ता अपनी मांग पर अडिग रहे। शनिवार को अधिवक्ता दीवानी पहुंचे और नारेबाजी-प्रदर्शन किया। लोक अदालत का पूरी तरह से बहिष्कार किया। अधिवक्ताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, क्रमिक अनशन जारी रहेगा। अधिवक्ताओं ने लोक अदालत को जा रहे वादकारियों को भी रोक दिया। इस दौरान उनकी नोकझोंक भी हुई। प्रदर्शन की जानकारी पर सीओ मनोज शर्मा, एसएचओ लोकश भाटी समेत बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स दीवानी न्यायालय पहुंच गया। सुरक्षा के दृष्टिगत शाम तक पुलिस फोर्स वहां तैनात रही।

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