जमशेदपुर, जासं। कोल्हान के सबसे बड़े अस्पतालों में शुमार जमशेदपुर स्थित महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कालेज अस्पताल का स्थिति दिन ब दिन दयनीय होता जा रहा है। भवन पर भले ही करोड़ों-अरबों रुपये खर्च हो जाए, लेकिन मरीजों को मिलने वाली सुविधा नदारत रहती है। शुक्रवार की सुबह हुई वर्षा के बाद एमजीएम अस्पताल के बर्न यूनिट के अंदर नाला का पानी प्रवेश कर गया। जिससे बर्न यूनिट के वार्ड, स्टोर, बाथरूम, बरामदा, इंट्री गेट के पास पानी भर गया। बर्न यूनिट के गेट के पास पानी जमा होने के कारण वार्ड में इलाज करा रहे मरीजों व उनके परिजनों के साथ इलाज करने वाले डाक्टर, कर्मचारी व नर्सों को इलाज करने के लिए आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वार्ड के स्टोर में रखे सामान भी पानी के भेंट चढ़ गए।

कई बार शिकायत किया लेकिन नहीं निकला समाधान

बर्न यूनिट के प्रभारी डा. ललित मिंज ने बताया कि बर्न वार्ड के मुख्य गेट के पास सड़क बनाया गया है। जो बर्न यूनिट के गेट से काफी उंचा है। यही कारण है कि वर्षा होने पर सड़क का पानी नाले के माध्यम से बर्न वार्ड में प्रवेश कर गया। इसके अलावा बर्न वार्ड के पास बने नाली जाम रहने के कारण पानी नहीं निकल पाता। डा. ललित मिंज का कहना है कि इस संबंध में वह अस्पताल प्रबंधन जानकारी दे चुके हैं।

जले मरीजों को इंफेक्शन का हो सकता है खतरा

बर्न यूनिट के प्रभारी डाक्टर ललित मिंज ने बताया कि बर्न यूनिट अपने आप में ही क्रिटिकल केयर यूनिट होता है। उसमें पानी भरने व गंदगी होने से मरीजों को इंफेक्शन होने का डर है। उन्होंने बताया कि बर्न वार्ड में इस समय 10 से ज्यादा मरीज भर्ती हैं।

अस्पताल की दीवारों पर दौड़ रहा करंट

लगातार हो रहे वर्षा के कारण एमजीएम अस्पताल के दीवारों में करंट दौड़ना शुरू कर दिया है। जिसके कारण मरीजों के बीच भय का माहौल है। एमजीएम अस्पताल के मेडिकल वार्ड में बने शौचालय के दीवार व छत में करंट आ रहा है। जिसके कारण मरीजों को शौचालय जाने में डर लगता है। शौचालय के छत से पानी टपक रहा है। यदि करंट फैल गया तो किसी भी प्रकार की अनहोनी हो सकती है। अस्पताल के कर्मचारियों ने बताया कि इसकी जानकारी एडीएम ला एंड आर्डर को देने के साथ ही विभाग को भी पत्र लिखा जा रहा है। हालांकि जानकारी मिलते ही एडीएम ला एंड आर्डर ने कर्मचारियों से जानकारी लिया और ठीक करने के लिए अस्पताल के बिजली मिस्त्री को निर्देश दिया।

Edited By: Madhukar Kumar