प्रयागराज, जागरण संवाददाता। केंद्रीय कारागार नैनी में बंद कुख्यात गोतस्कर मोहम्मद मुजफ्फर ने नवाबगंज इलाके में भी करोड़ों रुपये की संपत्ति बनाई है। उसके पास आलीशान मकान और कई भूखंड हैं। धूमनगंज थाने की पुलिस ने सभी संपत्ति को चिंहित कर लिया है और अब गैंगस्टर एक्ट की धारा 14 (1) के तहत कुर्क करेगी। पुलिस मुजफ्फर के सहयोगियों के मकानों पर भी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

कौशांबी से चंदौली तक फैला था गो तस्करी का नेटवर्क

मोहम्मद मुजफ्फर कौड़िहार ब्लाक का सपा से ब्लाक प्रमुख है। उसका मकान नवाबगंज थाना क्षेत्र के चफरी गांव में है। अधिकारियों का कहना है कि गोतस्करी का उसका बड़ा नेटवर्क था, जिसमें प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर समेत कई जिले के तमाम शख्स शामिल थे। वर्ष 2018 में धूमनगंज इलाके में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक डीसीएम में लदा प्रतिबंधित मांस पकड़ा था। तब उसके खिलाफ धूमनगंज थाने में मुकदमा हुआ था। इसके बाद मुजफ्फर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज हुई तो नवाबगंज छोड़कर पूरामुफ्ती के बेगम बाजार आ गया। यहां भी अपने व भाईयों के नाम पर मकान बनवाया और जमीन खरीदी। मगर इससे पहले नवाबगंज में उसने गोतस्करी के जरिए करोड़ों रुपये की संपत्ति बना चुका था।

अब इन्हीं संपत्तियों को धूमनगंज पुलिस ने चिंहित किया है। पता चला है कि नवाबगंज में हाईवे के पास मकान और चफरी गांव में कई भूखंड है। इसके अलावा उसके सहयोगी योगेंद्र शुक्ला सहित कई अन्य की संपत्ति की पहचान करते हुए रिपोर्ट तैयार करके प्रशासन को भेजी गई है। गैंगस्टर के मुकदमे की विवेचना कर रहे इंस्पेक्टर धूमनगंज राजेश मौर्या का कहना है कि अभियुक्त मुजफ्फर की करीब 20 करोड़ रुपये की संपत्ति को कुर्क किया जा चुका है। अब नवाबगंज और दूसरे स्थान पर बने मकान व भूखंड पर कार्रवाई की बारी है। जल्द ही उन्हें भी कुर्क करके जब्तीकरण का बोर्ड लगवाया जाएगा।

Edited By: Ankur Tripathi