संस, सहरसा: गुरूवार को प्रमंडलीय आयुक्त गोरखनाथ ने मंडल कारा का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंडल कारा की व्यवस्था पर आयुक्त ने असंतोष जाहिर किया। कारा में कुल 957 कैदी हैं जिनमें 30 महिला बंदी हैं। जो मंडल कारा के कुल क्षमता से अधिक है। निरीक्षण में कैदियों के लिए शौचालय की स्थिति काफी दयनीय पाई गई। जेल के कुल 95 शौचालयों में 70 खराब स्थिति में पाया गया। आयुक्त ने इसे गंभीरता से लेते हुए कार्यपालक अभियंता भवन प्रमंडल को यथाशीघ्र खराब शौचालयों को दुरूस्त कराने का निर्देश दिया।

उन्होंने मंडल कारा क्षेत्रा अंतर्गत प्रस्तावित योजनाओं की जानकारी ली। बताया गया कि 37 लाख रुपये की लागत से 20 में शौचालय का निर्माण, एक करोड़ 95 लाख की लागत से मंडल कारा के संपूर्ण चहारदिवारी का निर्माण, 19 लाख की लागत से काराधीक्षक के आवास के चहारदिवारी निर्माण, दो करोड़ 46 लाख की लागत से 198 पुरुष बंदियों के लिए बैरक का निर्माण, 79 लाख की लागत से 50 महिला कैदियों के लिए बैरक का निर्माण , 13 करोड़ रुपये की लागत से तीन अतिरिक्त बंदी कक्ष का निर्माण, दो लाख 47 हजार रुपये की लागत से ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण एवं दस लाख 72 हजार रुपये की लागत से विडो का निर्माण प्रस्तावित है। आयुक्त ने मंडल कारा के आधुनिकीकरण के लिए उपरोक्त सभी निर्माण योजनाओं को एक वर्ष के अंदर नियमानुसार कार्य पूरा करने का निर्देश कार्यपालक अभियंता भवन प्रमंडल को दिया। निरीक्षण के क्रम में मंडल कारा में जिलाधिकारी के द्वारा बंदी दरबार के नियमित आयोजन का भी निर्देश दिया गया। कहा कि मंडल कारा के प्रशासन पर नियंत्रण एवं सुरक्षा संबंधी ²ष्टिकोण से जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक का संयुक्त सुरक्षा आडिट आवश्यक है। जेल अस्पताल के निरीक्षण में आइसोलेशन वार्ड नहीं रहने पर आयुक्त द्वारा इसकी व्यवस्था हेतु निर्देश दिया गया। कैदियों को जो दवा दी जाती है उसकी पर्ची पर चिकित्सक का हस्ताक्षर नहीं पाया गया। इस संबंध में कारा अधीक्षक को कार्रवाई का निर्देश दिया गया। आयुक्त ने कैदियों के भोजन की मात्रा, गुणवत्तापूर्ण निर्धारित मेनू के अनुसार सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। मौके पर सदर एसडीओ प्रदीप कुमार झा, एसडीपीओ संतोष कुमार, थानाध्यक्ष सुधाकर कुमार समेत अन्य मौजूद रहे।

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