जागरण संवाददाता, लुधियाना : लुधियाना में गुरु नानक स्टेडियम में प्रदेश स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तिरंग फहराया। उन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर सभी पंजाबियों को लख-लख बधाइयां और शुभकामनाएं। आज देश के लिए बहुत खास दिन है। आज से 75 साल पहले यह तिरंगा इस तरह नहीं झूलता था। इसकी जगह कोई और झंडा था। हमारे युवाओं ने यह सपना देखा देश हमारा है लेकिन झंडा किसी और देश का क्यों। वह आजादी के आंदोलन में कूद पड़े। पंजाब इस बात का गवाह है कि इस झंडे को ऊंचा रखने के लिए सबसे ज्यादा कुर्बानी पंजाब ने दी है। हमारे पंजाब के हर गांव में किसी ना किसी शहीद के याद में कोई गेट बना है या फिर कोई प्रतिमा लगी है।

आज भी हमारे पंजाब के युवा इस देश की आजादी को बचाने के लिए देश की सीमा पर सीना तान कर खड़े हैं।बदिलानी भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, करतार सिंह सराभा, लाला लाजपत राय जैसे पता नहीं कितने लोगों ने अपना बलिदान दिया लेकिन उन्हें आजाद देश देखने को नहीं मिला। 

पंजाबियों में जुर्म के खिलाफ लड़ने का जज्बा बहुत पुराना है। भ्रूण हत्या पर कटाक्ष करते सीएम ने कहा कि लड़कियों को एक मौका मिलना चाहिए। वह सबसे आगे रहती हैं। आज चाहे कोई भी रिजल्ट देख लो एक ही लाइन होती है लड़कियों ने फिर मारी बाजी। हम अभी तक पूरी तरह से आजाद नहीं हो पाए हैं जैसी आजादी हमारे शहीदों ने सोची थी।

उन्होंने कहा कि मैं बतौर सीएम कहना चाहता हूं कि हमारी पूरी टीम शहीदों के सपनों की आजादी को पूरा करने में जुटे हुए हैं। बुजुर्ग इसे आज भी आजादी का दिन नहीं कहते। इस आजादी में 10 लाख लोगों मारे गए फिर परिवार बिछड़ गए इसमें भी सबसे ज्यादा नुकसान पंजाबियों ने सहा है।

उन्होंने कहा कि हमारे छात्र प्लस टू करके आइलेट्स करके कनाडा में भाग रहे हैं। मैं ऐसे माता-पिता को विश्वास दिलाता हूं कि अब यहां पर सभी सुविधाएं मिलेगी। वह अपने बच्चों को बाहर ना भेजें। उनके बच्चों को यहीं पर मौका मिलेगा, क्योंकि अकेला बच्चा यहां से नहीं जाता 25 लाख रुपये भी जाते हैं, घर खाली पड़े हैं क्योंकि परिवार भी बाद में वहीं विदेश चले जाते हैं। अगर इस तरह घर खाली होते रहेंगे तो हमारी सरकारों का क्या फायदा।

जिन अंग्रेजों को निकालने के लिए हमारे शहीद फांसी का फंदा चूम गए थे, आज हम 25,30 लाख रुपये लेकर उन्हीं अंग्रेजों की गुलामी करने जा रहे हैं। इससे अच्छा तो अंग्रेजों को यहीं रख लेते। इसलिए मैं इसे अभी पूरी आजादी नहीं मानता। आज हम 75 आम आदमी क्लीनिक शुरू करने जा रहे हैं। लोगों को बड़े अस्पताल जाने की जरूरत नहीं होगी।

दाल आटा स्कीम के साथ घर का राशन पहुंचेगा। हमारी कोशिश है कि हम लोगों को इतना सक्षम कर दें की वह दाल आटा खुद कमा सकें। रसूखदार की पेंशन लगाई गई जिनको जरूरत थी उनका नाम काट दिया गया। भगत सिंह ने कभी यह नहीं सोचा होगा कि जिस देश को आजाद करने के लिए हम लड़ रहे हैं। आजादी के बाद वहां इस तरह के काम होंगे।

आप तो कुछ लोग उनकी शहादत ऊपर भी सवाल उठाने लगे हैं जिन्हें कोई काम तो होता नहीं है। मैं शहर में बतौर कलाकार आया था। 1991 में मुझे पता है जगराओं ब्रिज पर शहीदों की प्रतिमा लगी है। शहीदे आजम भगत सिंह ने लिखा इश्क करना सब का पैदाइशी हक है क्यों ना इस बार वतन की जमी को महबूब बना लिया जाए।आज किसी भी सरकारी दफ्तर में चले जाएं हर दफ्तर में शहीद भगत सिंह और बाबा भीमराव अंबेडकर की फोटो लगी होगी। हमारे देश में किसी चीज की कमी नहीं। समंदर, बदलते मौसम, कोयला खद्यान है हमें इनका उपयोग सही से करना चाहिए।

लुधियाना पंजाब का दिल है। इंडस्ट्रियल सिटी भी कह सकते हैं। अब वह दिन चले गए जब इंडस्ट्री लगाने पर हिस्सा मांगा जाता था लेकिन अब मैं किसी से नहीं पूछता कि कितना मुनाफा होगा। मैं तो सिर्फ इतना पूछता हूं हमारे कितने युवाओं को रोजगार मिलेगा। मत्तेवाड़ा का जंगल पुरानी सरकार में टैक्सटाइल मिल लगाने जा रहे थे लेकिन लुधियाना को सांस देने वाले जंगल से हम छेड़छाड़ नहीं करेंगे। बड़े नाले का पानी हम क्रिस्टल क्लियर करेंगे। आज के दिन की सभी को बधाई देता हूं और एक संकल्प लेने की बात करता हूं कि केवल 15 अगस्त या फिर 26 जनवरी पर तिरंगे को याद ना किया जाए बल्कि इसे हर दिन दिल में बसाना चाहिए। 

उन्होंने कहा कि नौकरी देंगे, कच्चे मुलाजिमों को पक्का करेंगे, इंडस्ट्री को लेकर आएंगे, सिंगल विंडो सिस्टम लागू करेंगे, मजदूरों का सोचेंगे, गरीबों का सोचेंगे। उन्होंने कहा कि आज से 20 दिन बाद 5100000 घरों को जीरो बिजली बिल आएगा। आज से सिर्फ पंजाब में विकास की लहर चलेगी। मेरी सरकार में कोई मेरा चाचा मामा या फिर माफिया आगे नहीं आएगा। सिर्फ पंजाबी ही आगे आएंगे। शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम ईमानदारी से काम करें अपने देश को आगे लेकर जाएं। पंजाब की धरती उपजाऊ बहुत है। मैं दुश्मन देश को यह कहना चाहूंगा कि यहां पर नफरत का बीज नहीं उठ सकता। चाहे वह ड्रोन के माध्यम से कितनी भी एके-47 भेज दें। जय हिंद वंदे मातरम।

Edited By: Vinay Kumar