जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी : UKSSSC Paper Leak : उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की स्नातक स्तरीय परीक्षा में नकल और पेपर लीक के मामले में आरोपित जिला पंचायत सदस्य नेता हाकम सिंह रावत अकूत संपत्ति का मालिक है। रावत के भाजपा से छह वर्ष के लिए निष्कासन के बाद मोरी क्षेत्र सहित उससे जुड़े व्यक्तियों व कुछ पंचायत प्रतिनिधियों में हड़कंप मचा हुआ है।

मोरी के लिवाड़ी गांव निवासी हाकम सिंह रावत (Hakam Singh Rawat) की राज्य के विभिन्न जनपदों में काफी संपत्ति है। दरअसल वर्ष 2002 में हाकम सिंह रावत उत्तरकाशी में तैनात एक-एक वरिष्ठ नौकरशाह के संपर्क में आए थे, जिसके बाद उनके जरिये खनन सहित कई व्यवसाय से भी जुड़े।

होटल, होम स्टे और सेब के बागीचे सहित कई बड़ी संपत्ति हाकम सिंह रावत के पास हैं। मोरी और पुरोला क्षेत्र में हाकम सिंह रावत का नाम सरकारी नौकरी लगाने की गारंटी के रूप में लिया जाता है। हाकम सिंह रावत ने जौनसारी गीतों की एलबम में नृत्य किया है, जो इन दिनों इंटरनेट मीडिया पर कटाक्ष के साथ वायरल हो रहे हैं।

भाजपा से निष्कासित हुए हाकम सिंह रावत

जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह रावत लंबे समय से भाजपा से जुड़ा था। भाजपा के कई नेताओं और एक पूर्व मुख्यमंत्री से उसकी गहरी निकटता है। लेकिन, पेपर लीक मामले में एसटीएफ की ओर से गिरफ्तार किए जाने के बाद भाजपा प्रदेश संगठन ने हाकम सिंह रावत को पार्टी से छह वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया है।

भाजपा के जिलाध्यक्ष रमेश चौहान ने कहा कि हाकम सिंह रावत की पेपर लीक मामले में संलिप्तता होने की घटना बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण है। हाकम सिंह रावत (Hakam Singh Rawat) को निष्कासित करने के लिए रविवार की सुबह प्रदेश संगठन को संस्तुति की गई।

भाजपा के कुछ पदाधिकारियों में हड़कंप

हाकम सिंह रावत की गिरफ्तारी के बाद मोरी पुरोला क्षेत्र से भाजपा से जुड़े कुछ पदाधिकारियों के नाम भी चर्चा में हैं। हाकम सिंह रावत की गिरफ्तारी से मोरी-पुरोला क्षेत्र के उन व्यक्तियों में हड़कंप मचा हुआ है, जिनका यूकेएसएसएससी (UKSSSC) की स्नातक स्तरीय परीक्षा में चयन हो रखा है। इसमें कुछ हाकम सिंह रावत के रिश्तेदार और निकटवर्ती हैं।

तो आवेदन के समय से ही रची होगी कूटरचना

यूकेएसएसएससी (UKSSSC) की स्नातक स्तरीय परीक्षा के आवेदन वर्ष 2021 में भरे गए। ये आवेदन मोरी क्षेत्र के प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य ने भरे। साथ ही जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह रावत के कई रिश्तेदारों ने भी भरे, जिससे अंदेशा है कि पेपर लीक और नकल करने की तैयारी आवेदन के समय ही वर्ष 2021 में ही हो गई थी।

जिससे बड़ी संख्या में मोरी क्षेत्र के व्यक्तियों का चयन यूकेएसएसएससी की स्नातक स्तरीय परीक्षा में हुआ है। वन रक्षक भर्ती में भी मोरी क्षेत्र के कई युवक-युवतियों का चयन हुआ है, जिसको लेकर अभी तक जांच नहीं हुई है।

वनरक्षक परीक्षा में नकल करवाने पर आया था नाम

यूकेएसएसएससी की स्नातक स्तरीय परीक्षा में पेपर लीक (UKSSSC Paper Leak) से पहले वन रक्षक परीक्षा में नकल कराने का आरोप जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह रावत पर लगा है।

वन रक्षक भर्ती घपले में हरिद्वार में दर्ज एक मुकदमे में हाकम सिंह रावत का नाम आया। लेकिन, शासन सत्ता में बैठे नेता और अधिकारियों के बीच ऊंची पहुंच रखने वाले जनप्रतिनिधि ने मामले को दबाए रखा और रफा-दफा किया, जिसके कारण यह मामला मीडिया में भी सामने नहीं आया।

Edited By: Shailendra prasad