गोरखपुर, जागरण संवाददाता। गोरखपुर जिले में अवैध स्टैंड पर जबरिया वसूली करने के आरोपित मुकुंद सिंह और मुन्ना राय कैंट पुलिस को 15 दिन से छका रहे हैं। मुकुंद जिले में हुए चर्चित जैतपुर तिहरे हत्याकांड का आरोपित है। अवैध स्टैंड पर जबरिया वसूली करने के मामले में चार लोगों को पुलिस जेल भेज चुकी है। मुख्य आरोपितों के अभी तक न पकड़े जाने को लेकर कई तरह की चर्चा शुरू हो गई है।

यह है पूरा मामला

विश्वविद्यालय छात्रावास के पास अवैध स्टैंड बनाकर जबरिया वसूली किए जाने की शिकायत लंबे समय से अधिकारियों को मिल रही थी। इसको लेकर दो गुट में विवाद भी चलता है। 18 सितंबर को एडीजी जोन अखिल कुमार के कार्यालय में पहुंचे प्राइवेट बस एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय जायसवाल ने प्रार्थना पत्र देते हुए आडियो रिकार्डिंग सुनाया। दूसरी तरफ से बात करने वाला अपना नाम बाल मुकुंद सिंह बताते हुए संजय को जान से मारने की धमकी दे रहा था।

एडीजी से शिकायत के बाद दर्ज हुआ था मुकदमा

संजय ने एडीजी को बताया था कि अवैध स्टैंड के नाम पर मुकुंद सिंह और उसके साथी बस मालिकों से जबरिया वसूली करते हैं। पार्किंग की आड़ में अवैध स्टैंड चल रहा है। स्टैंड शुल्क के नाम पर 350-400 रुपये लिए जाते हैं। शिकायत के आधार पर कैंट थाना पुलिस ने संजय व दो अन्य लोगों के प्रार्थना पत्र पर मुकुंद उसके साथी प्रदीप सिंह, शिव मिश्रा समेत चार के खिलाफ जबरिया वसूली और धमकी देने का मुकदमा दर्ज किया।

इन अपराधियों की हो चुकी है गिरफ्तारी

पुलिस ने प्रदीप व शिव मिश्रा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अगले दिन कुशीनगर जिले के रहने वाले बस मालिक आशुतोष शुक्ल की तहरीर पर चरन सिंह, बबलू और मुन्ना राय के खिलाफ जबरिया वसूली का मुकदमा दर्ज कराया था। चरन और बबलू को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया लेकिन अभी मुन्ना फरार है। एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि जबरिया वसूली करने के आरोपितों की तलाश चल रही है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

Edited By: Pragati Chand

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