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गंगा एक्सप्रेसवे पर बनी हवाई पट्टी के पास खिसकी मिट्टी, मानसून की बारिश ने बढ़ाई चिंता; तस्वीरें वायरल

Published: Fri, 10 Jul 2026 07:58 PM (IST)

गंगा एक्सप्रेसवे पर जलालाबाद के पीरू गांव के पास हवाई पट्टी पर बारिश के कारण मिट्टी खिसक गई है, जिससे ...और पढ़ें

जलालाबाद क्षेत्र के ग्राम लहसना में हवाई पट्टी के पास बहकर आई मिट्टी। जागरण

जलालाबाद क्षेत्र के ग्राम लहसना में हवाई पट्टी के पास बहकर आई मिट्टी। जागरण

HighLights

  1. जलालाबाद के पीरू गांव सहित आसपास छह किमी. में बरसात के कारण हुआ नुकसान

  2. प्रशासन ने दिए मरम्मत के निर्देश, यूपीडा का दावा- हवाई पट्टी व एक्सप्रेस वे पूरी तरह सुरक्षित

जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। गंगा एक्सप्रेस वे पर जलालाबाद के पीरू गांव में बनी हवाई पट्टी के पास मिट्टी दरकने लगी है। इसके आसपास दोनों ओर करीब छह किमी. लंबाई में यही स्थिति सामने आने से तहसील प्रशासन ने भी चिंतित है। हालांकि यूपीडा ने हवाई पट्टी के पूरी तरह सुरक्षित होने का दावा किया है।

बरसात में इस तरह मिट्टी का हटने को सामान्य प्रक्रिया बताते हुए इससे मुख्य हवाई पट्टी या एक्सप्रेस वे को किसी तरह का नुकसान न होने की बात कही है। एसडीएम प्रभात राय ने कार्यकारी संस्था को मरम्मत के लिए निर्देश जारी किए हैं, लेकिन शाम तक सुरक्षात्मक कार्य शुरू नहीं हुए।

शुक्रवार को दैनिक जागरण की पड़ताल में एक्सप्रेस वे पर जगह-जगह मिट्टी के कटान की स्थिति सामने आई। जलालाबाद से हवाई पट्टी की ओर बढ़ते ही अतिवरा गांव के पास एक्सप्रेस वे के दोनों ओर बनी साइड वाल की मिट्टी का काफी हिस्सा दरक कट चुका था। यहां पर किनारों पर जलभराव भी मिला।

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अतिवरा से आगे झरार हरिहरपुर में भी यही स्थिति देखने को मिली। ढलान के कारण बरसात का पानी अपने साथ मिट्टी को भी बहा ले गया, जिस कारण यहां पर बड़ा हिस्सा खाली नजर आने लगा है। पीरू गांव में बनी 3.5 किमी. लंबी हवाई पट्टी पर दोनों ओर काफी ज्यादा मिट्टी पानी के साथ बह गई, जिस कारण यहां पर हिस्सा खाली हो गया है। हवाई पट्टी से बदायूं की ओर बढ़ने पर लसुहना व दियूरा गांव में भी यही स्थिति दिखाई दी।

बरसात के पानी के तेज बहाव के कारण मिट्टी का कटान हो गया है। जिसको देखते हुए ग्रामीणों ने चार मीटर तक मिट्टी का ऊपरी हिस्सा दरकते देखकर वीडियो बना लिए। एसडीएम प्रभात राय ने इसका संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि कार्यकारी संस्था एचजी इंफ्रा को तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए हैं, लेकिन देर शाम तक काम शुरू नहीं हो सका है।

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एक्सप्रेस का निर्माण अडाणी ग्रुप ने कराया है। यहां पर एचजी इंफ्रा कंपनी को काम दिया गया था। एसडीएम प्रभात राय ने बताया कि कंपनी को 27 वर्ष तक इसका रखरखाव व मरम्मत करनी है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में यूपीडा व कार्यकारी फर्म के अधिकारियों से बात की जाएगी। मेरठ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेस वे का उद्घाटन 29 अप्रैल को हुआ था। जलालाबाद में 3.5 किमी की हवाई पट्टी बनी है, जिस पर गत वर्ष विमान भी उतारे जा चुके हैं।

दावा : पूरी तरह सुरक्षित है हवाई पटटी

यूपीडा के अवर अभियंता मनीष सिंह ने बताया कि हवाई पट्टी के दोनों साइड में 15-15 मीटर चौड़ी पटरी बनाई गई है। उन्होंने बताया कि इसका निर्माण आपात स्थिति के लिए होता है। कई बार टेक आफ या लैंडिंग के दौरान विमान के रनवे से फिसलने की स्थिति बनती है तो वह सुरक्षित तरीके से इस साइड पटरी पर आ जाएगा।

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उन्होंने बताया कि साइड में सीमेंटेड वाल बनाने की बजाय लाेहे की ऐसी जाली लगाई गई है ताकि अगर विमान फिसलकर उससे टकराता है तो भी उसको नुकसान न हो। साइड पटरी पर मिट्टी के भराव के साथ ही सपोर्ट लगी है जिसकी ऊपरी परत का हिस्सा बरसात में पानी के बहाव से हटा है। उन्होंने बताया कि इस पर दोबारा भराव कराया जाएगा।

बरसात के बाद मिट्टी पर घास का जमाव होगा, जिससे यह मजबूती पकड़ेगी। इसके बाद कटान की स्थिति नहीं होगी। हाईवे पर हवाई पटटियों पर इसी तरह काम कराया जाता है। सीमेंटेड वाल या सपोर्ट नही दी जाती है। एक्सप्रेस वे व हवाई पटटी का बेस व सपोर्ट काफी मजबूत और पूरी तरह सुरक्षित है।

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