मिलावट पर जीरो टॉलरेंस: एक हफ्ते में 10 हजार से अधिक पेट्रोल पंपों पर औचक निरीक्षण, सख्त कार्रवाई की चेतावनी
सरकारी तेल कंपनियों ने ईंधन की गुणवत्ता को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों के बीच देशव्यापी औचक निरीक्षण शुरू किए हैं।

10 हजार से अधिक पेट्रोल पंपों पर औचक निरीक्षण।
HighLights
तेल कंपनियों ने ईंधन गुणवत्ता जांच अभियान चलाया।
एक सप्ताह में 10,000 से अधिक पेट्रोल पंपों का निरीक्षण।
मिलावट पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
डिजिटल टेस्क, नई दिल्ली। सोश मीडिया पर ईंधन की गुणवत्ता को लेकर तैर रही चिंताजनक खबरों के बीच देश की तीन दिग्गज सरकारी तेल कंपनियों - इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने ग्राहकों का भरोसा डिगने नहीं दिया है।
अफवाहों के इस दौर में कंपनियों ने न केवल अपनी सतर्कता बढ़ाई है, बल्कि देशव्यापी स्तर पर कड़े गुणवत्ता परीक्षण शुरू कर दिए हैं। कंपनियों का एक ही संकल्प है - ग्राहकों को हर बूंद में शुद्धता और विश्वसनीयता मिले।
10 हजार से अधिक औचक निरीक्षण और जीरो टॉलरेंस
देश की सबसे बड़ी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कार्पोरेशन ने इस मुहिम में सबसे आगे रहकर मोर्चा संभाला है। पिछले महज एक सप्ताह के भीतर आईओसी ने अपने रिटेल आउटलेट्स पर लगभग 10 हजार औचक निरीक्षण किए हैं और 8,500 से अधिक ईंधन नमूनों की वैज्ञानिक जांच की है।
कंपनी ने साफ संदेश दिया है कि मिलावट या गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गड़बड़ी पाए जाने पर डीलरों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मोबाइल लैब से जांच और पारदर्शिता की गारंटी
इस मुहिम में भारत पेट्रोलियम (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (एचपीसीएल) ने भी अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। बीपीसीएल ने तीन से 13 जुलाई के बीच 932 औचक निरीक्षण किए और मोबाइल प्रयोगशालाओं के जरिये मौके पर ही शुद्धता की जांच की। वहीं, एचपीसीएल ने इस दौरान एथनाल सम्मिश्रण मानकों की जांच के लिए 2,173 औचक और 1,385 नियमित निरीक्षण किए।
राहत की बात यह रही कि दोनों ही कंपनियों की गहन जांच में मिलावट या गुणवत्ता से खिलवाड़ का एक भी मामला सामने नहीं आया है। कंपनियों ने ग्राहकों से अपील की है कि वे इंटरनेट मीडिया पर चल रही असत्यापित खबरों पर भरोसा न करें और किसी भी शंका की स्थिति में सीधे आधिकारिक शिकायत दर्ज कराएं, क्योंकि आपका भरोसा ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
