FSSAI की सख्ती, छह कंपनियों ने वापस लिए भ्रामक दावे और लेबल
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) की कार्रवाई के बाद छह कंपनियों ने अपने उत्पादों से भ्रामक दावे और ट्रेडमार्क हटा लिए हैं।

एफएसएसएआई।
HighLights
FSSAI की कार्रवाई के बाद छह कंपनियों ने सुधारात्मक कदम उठाए।
कंपनियों ने भ्रामक लेबल, दावे और ट्रेडमार्क वापस लिए।
पैकेजिंग बदली, गलत दावों को वेबसाइट से हटाया गया।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की कार्रवाई के बाद छह कंपनियों ने भ्रामक लेबल और ट्रेडमार्क को वापस लेने जैसे कदम उठाए हैं।
एफएसएसएआई ने रविवार को इंटरनेट मीडिया पोस्ट में जानकारी दी कि छह फूड बिजनेस आपरेटरों (एफबीओ) ने खाद्य नियामक एफएसएसएआइ से नोटिस मिलने के बाद सुधारात्मक कदम उठाए। इनमें पैकेजिंग बदलना, गलत दावे वापस लेना शामिल है।
एफएसएसएआई ने कहा कि लिव्योर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड वीगन और हेल्दी (शाकाहारी और स्वास्थ्यवर्धक) के भ्रामक दावे को वापस लिया है। कंपनी ने लिव्योर रोस्टेड एडामे बीन्स प्रोडक्ट के लेबल पर किए गए गुमराह करने वाले दावों के संबंध में दाखिल जवाब में कहा कि वीगन और हेल्दी के दावे उत्पाद लेबल पर अनजाने में छापे गए थे।
कंपनी ने नियमों के उल्लंघन के लिए माफी मांगी है। यह आश्वासन भी दिया है कि भविष्य में यह गलती नहीं होगी। कंपनी भ्रामक दावों वाले मौजूदा पैकेजिंग को नष्ट कर रही है ताकि इसे भविष्य में उपयोग में न लाया जा सके।
इसी प्रकार आनेस्ट इनोवेशनस फार यू प्राइवेट लिमिटेड और हेलियोस्टोन स्पेशलिटीज प्राइवेट लिमिटेड ने अपने भ्रामक ट्रेडमार्क को बदल दिया है। राजस्थान एग्रो एंड जनरल इंडस्ट्रीज ने भ्रामक दावों को हटाया है। आयोटा नैनोटेक्नोलाजी प्राइवेट लिमिटेड ने लेबल से भ्रामक दावों को हटाया और गैर-मानकीकृत पानी का उत्पादन बंद कर दिया। पंचामृत इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड अपने वेबसाइट से उत्पाद (इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक) को हटा दिया है।
