भुवनेश्वर, जागरण आनलाइन डेस्‍क। Odisha Flood: हीराकुद जल भंडार ( Hirakud Water Reserve) से बाढ़ का पानी निष्कासित किए जाने के बाद ओडिशा की जीवन रेखा कही जाने वाली महानदी (Mahanadi) एवं उसकी शाखा नदियों में आयी बाढ़ के कारण प्रदेश में बाढ़ की स्थिति गम्भीर हो गई है। सैकड़ो गांव जलमग्न हो गए हैं।

खेतों में खड़ी फसलें नष्ट हो गई है। पिपली-जटनी मुख्य मार्ग पर बाढ़ का पानी प्रवाहित होने से इस मार्ग पर आवागमन ठप हो गया है। महानदी में बाढ़ के कारण कटक जिले के तमाम निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं।

बांकी ब्लाक की 7 पंचायत पूरी तरह से जलमग्न हो गई है और इनका संपर्क बाहरी दुनिया से कटक गया। पुरी एवं नयागड़ में भी बाढ़ की त्रासदी देखने को मिली है। ऐसे में इन तमाम जगहों पर राहत एवं बचाव कार्य के लिए ओड्राफ एवं दमकल की टीमें भेज दी गई हैं।

सीएम पटनायक ने लिया हालात का जायजा

प्रदेश में आयी बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने आज वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेसिंग के जरिए समीक्षा बैठक करने के साथ ही स्थिति का जायजा लिया है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को समय से लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने एवं लोगों के लिए बुनियादी सुविधा मुहैया कराने का निर्देश दिया है। बैठक में मुख्य सचिव, एसआरसी और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

जानकारी के मुताबिक आज सुबह मुंडली में महानदी खतरे के निशान को पार 97.25 मीटर पर प्रवाहित हो रही थी, जबकि यहां खतरे का निशान 97.20 मीटर है। यहां से 11 लाख 60 हजार 900 क्यूसेक पानी बह रहा है। इसी तरह नारज से काठजोड़ी नदी में 5 लाख 66 हजार 460 क्यूसेक पानी बह रहा है।

 बढ़ रहा है हीराकुद जलभंडार का जलस्‍तर

जोबरा में 5 लाख 55 हजार क्यूसेक पानी महानदी में प्रवाहित हो रहा है। इसी तरह जोबरा में महानदी खतरे के निशान से ऊपर प्रवाहित हो रही है। यहां खतरे का निशान 21.94 मीटर है जबकि जबकि जल स्तर 22 मीटर पर प्रवाहित हो रहा है। आगे चलकर यह स्थिति और गम्भीर होने वाली क्योंकि हीराकुद जलभंडार का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है।

इंजीनियर विजय कुमार मिश्र ने कहा है कि महानदी में मध्यम स्तर की बाढ़ आयी है। जल संसाधन विभाग के कर्मचारी एवं अधिकारी बाढ़ की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। कुछ जिलों के जिलाधीश भी सस्थित पर नजर बनाए हुए हैं।

Edited By: Babita Kashyap