अमृतपुर, जागरण संवाददाता। गंगा का जलस्तर बढ़कर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। तटवर्ती गांवों में बाढ़ का पानी भर जाने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ग्रामीण खेतों में भरे बाढ़ के पानी मे नाव के सहारे आवागमन करने को मजबूर हैं। रामगंगा का जलस्तर 30 सेंटीमीटर घट गया। गंगा का जलस्तर पांच सेंटीमीटर बढ़कर 136.85 मीटर पहुंच गया है।

गंगा खतरे के निशान से 25 सेंटीमीटर दूर है। खतरे का निशान 137.10 मीटर दर्ज है। नरौरा बांध से गंगा में 53,877 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा का जलस्तर 30 सेंटीमीटर घटकर 135.70 मीटर पहुंच गया है। खोह, हरेली व रामनगर से रामगंगा में 3285 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। 

कई घरों में भरा बाढ़ का पानी

गंगा का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांव हरसिंहपुर कायस्थ, बंगला, तीसराम की मड़ैया, आशा की मड़ैया आदि में बाढ़ का पानी भर गया है। जोगराजपुर के ग्रामीण खेतों में भरे बाढ़ के पानी में नाव के सहारे आवागमन कर रहे हैं। जोगराजपुर व चित्रकूट के कई घरों में बाढ़ का पानी भर गया है। जिससे ग्रामीण मकान की छतों पर पालीथिन के नीचे गुजर कर रहे हैं।

बाढ़ के पानी में फसलें जलमग्न 

खेतों में बाढ़ के पानी में फसलें जलमग्न हो गई है। जिससे फसलों के खराब होने की आशंका है। किसान सरसों व आलू बोआई की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन तटवर्ती गांव के खेतों में बाढ़ का पानी भर जाने से बोआई प्रभावित हो गई है। रामगंगा का जलस्तर घटने से अह्लादपुर भटौली व कोलासोता गांव के लोग कटान होने की आशंका में चिंतित हैं। 

उपजिलाधिकारी पदम सिंह ने कहा, राममगंगा का जलस्तर कम होने लगा है। बाढ़ प्रभावित गांवों में नाव भेजी जा रही हैं। बाढ़ से किसी भी गांव का आवागमन बाधित नहीं होने दिया जाएगा।

Edited By: paras dubey

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