दरभंगा। जिला परिषद से संचालित होनेवाली योजनाओं व अन्य कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए बनाई जानेवाली जिला परिषद की स्थायी समितियों का गठन पंचायत आम निर्वाचन-2021 के सात महीने बाद भी नहीं किया जा सका है। इस कारण से जिला परिषद में जहां समितियों के गठन को लेकर संशय की स्थिति कायम है। वहीं योजनाओं का क्रियान्वयन व जिला परिषद के कार्यों का प्रभावी तरीके से निर्वहन नहीं हो पा रहा है। समितियों के गठन को लेकर सरकार का पंचायत राज विभाग आरंभ से ही गंभीर रहा है। बावजूद इसके इसका गठन नहीं किया जाना आश्चर्यजनक है। बताते हैं कि पंचायत राज विभाग के प्रधान सचिव मिहिर कुमार सिंह ने इसकी बावत जिलाधिकारी को 12 जुलाई को पत्र भेज कहा था कि15 जुलाई तक समितियों का गठन कराकर इसकी रिपोर्ट 20 जुलाई तक भेजी जाए। पत्र में निर्धारित तिथि भी समाप्त हो गई है। बावजूद इसके इस दिशा में कोई सुगबुगाहट नहीं देखी जा रही है। हालांकि, संभावना जताई जा रही है कि अगस्त के अंत तक समितियों का गठन कर लिया जाएगा। आपसी खींचतान में फंसता चला गया मामला सूत्र बताते हैं कि तीन जनवरी को जिला परिषद अध्यक्ष उपाध्यक्ष द्वारा शपथ लिए जाने के बाद से ही समितियों के गठन की प्रक्रिया शुरू करने की कवायद की गई। इस बीच गठन की प्रक्रिया को लेकर नेतृत्व पर बात होने लगी। गुटबाजी के चक्कर में मामला फंसता चला गया। इस बीच जिला परिषद के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी के स्तर पर कोशिश शुरू की गई कि उनका स्थानांतरण ही हो गया। अब नए पदाधिकारी आए हैं तो उम्मीद की जा रही है कि इस दिशा में शीघ्र ही कोई फैसला होगा।

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जनहितों की रक्षा के लिए इन स्थायी समितियों का होना है गठन : - सामान्य स्थायी समिति - वित्त अंकेक्षण तथा योजना समिति - उत्पादन समिति - सामाजिक न्याय समिति - शिक्षा समिति - लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण एवं ग्रामीण स्वच्छता समिति - लोक कल्याण समिति। ---------------------

इस तरह से होगा स्थाई समितियों का गठन : जिला परिषद अध्यक्ष सामान्य स्थायी वित्त समिति, वित्त अंकेक्षण एवं योजना समिति के पदेन सदस्य और अध्यक्ष होंगे। प्रत्येक अन्य समितियों के लिए एक अध्यक्ष को नामित करेंगे। प्रत्येक समिति में अध्यक्ष को मिलाकर कम से कम तीन और अधिकतम पांच सदस्य होंगे। सभी समितियों में कम से कम एक महिला सदस्य का होना अनिवार्य है। इसी तरह सामाजिक न्याय समिति में एक सदस्य अनुसूचित जाति अथवा जन जाति का होना जरूरी है। मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सामान्य स्थायी समिति व वित्त अंकेक्षण तथा योजना समिति के पदेन सचिव होंगे। जबकि उत्पादन समिति के सचिव के रूप में जिला कृषि पदाधिकारी, सामाजिक न्याय समिति के जिला कल्याण पदाधिकारी, शिक्षा समिति के डीईओ व लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण एवं ग्रामीण स्वच्छता समिति के पदेन सचिव के रूप में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता को सचिव के रूप में नामित किया जा सकेगा। बीच में असमंजस की स्थिति बन गई थी। मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी का भी स्थानांतरण हो गया था। इस कारण से समितियों के गठन में देरी हुई। इस दिशा में कवायद की जा रही है। शीघ्र ही समितियों का गठन कर लिया जाएगा।

रेणु देवी

अध्यक्ष, जिला परिषद, दरभंगा।

Edited By: Jagran