जागरण संवाददाता, नवांशहर : आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत निकाली गई तिरंगा यात्रा के दौरान एसकेटी प्लांटेशन टीम, हरियाली उत्सव टीम और शहीद भगत सिंह विचार मंच के सदस्यों ने शहीद भगत सिंह के पैतृक गांव खटकड़कलां में पौधारोपण किया।

कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप शामिल देश भगत यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर डा. दविदर ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण भारतीय संस्कृति का हिस्सा है। भारतीय संस्कृति में तुलसी, पीपल आदि बहुत से पौधों की पूजा की जाती है। गुरुबाणी में भी गुरु साहिबानों ने प्रकृति के महत्व को समझाया है। उन्होंने कहा कि जिस चीज को हम पैदा नहीं कर सकते, उसे नुकसान पहुंचाने का भी हमें कोई हक नही है। इसलिए हम सभी को अधिक से अधिक पौधारोपण करना चाहिए। राकेश शांतिदूत ने अपने पर्यावरण संदेश में कहा कि जन्मदिन या वैवाहिक वर्षगांठ को पौधारोपण से जोड़ना बहुत ही अच्छा कार्य है, क्योंकि इस मुहिम के माध्यम से लोगो को भावनात्मक रूप से पौधारोपण से जोड़ा जाता है। टीम के संचालक अंकुश निझावन ने शहरवासियों को अपना जन्मदिन पौधारोपण करके ही मनाने की अपील की। हरियाली उत्सव टीम के मनोज कंडा ने कहा कि 15 अगस्त आजादी दिवस पर अपने घरों पर तिरंगा लगाने के साथ साथ एक पौधा भी जरूर लगाएं। इस मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, आर्ट ऑफ लिविग, विश्व हिदू परिषद, बाबा बलराज मंदिर और भारत विकास परिषद के सदस्य उपस्थित रहे।

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