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नेपाल से भारत में कौन-सी प्रमुख नदियां करती हैं प्रवेश, देश पर इसका कितना असर? कोसी तो बन गई बिहार का शोक

Published: Tue, 01 Sep 2026 03:48 PM (IST)Updated: Tue, 01 Sep 2026 03:52 PM (IST)

नेपाल से भारत में 9 प्रमुख नदियों का प्रवेश होता है। कई नदियां अतीत में भारत में तबाही मचा चुकी ...और पढ़ें

नेपाल से भारत में आने वाली नदियों की लिस्ट।

नेपाल से भारत में आने वाली नदियों की लिस्ट।

HighLights

  1. 9 प्रमुख नदियां नेपाल से भारत के बिहार और उत्तर प्रदेश में करती हैं प्रवेश।

  2. 6 हजार से अधिक जलधाराएं नेपाल से उत्तर भारत की तरफ बहती हैं।

एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली। नेपाल और चीन के बॉर्डर एरिया में हाल ही में भयंकर बाढ़ देखने को मिली है। अचानक आई बाढ़ बाढ़ से लोगों को संभलने का मौका भी नहीं लिया जिसके चलते मरने वालों की संख्या 1000 से ज्यादा दर्ज की जा चुकी है। नेपाल में बचावकर्मी मलबे से भरी घाटियों और पहाड़ी इलाकों में बचे हुए लोगों की तलाश कर रहे हैं, जहां 4000 से ज्यादा लोगों के लापता होने की खबर है।

नेपाल की नदियों में बाढ़ का असर केवल उस देश तक सीमित न रहकर हमारे देश के लिए भी परेशानी का सबब रहीं हैं। क्योंकि हमारे देश में नेपाल से कई नदियां और जलधाराएं आती हैं जो बारिश के समय देश को परेशान करती हैं। आज हम उन्हीं नदियों के बारे में जानेंगे जो नेपाल से भारत में प्रवेश करती हैं।

नेपाल से भारत में प्रवेश करने वाली नदियां

नेपाल देश से भारत में 9 बड़ी नदियां बहकर भारत में प्रवेश करती हैं। इन नदियों का प्रवेश देश के दो प्रमुख राज्यों- उत्तर प्रदेश और बिहार में होता है। जल शक्ति मंत्रालय के अनुसार शारदा, घाघरा, राप्ती, गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती, कमला, कोसी और महानंदा उन प्रमुख नदियों में शामिल हैं जो नेपाल से भारत में आती हैं।
इसमें से शारदा, घाघरा और राप्ती नदियां उत्तर प्रदेश में बहती हैं, जहां भारी बारिश और अचानक आने वाली बाढ़ (flash floods) के कारण इनके जलस्तर में बढ़ोतरी से गंभीर बाढ़ का खतरा रहता है। इसके अलावा बूढ़ी गंडक, बागमती, कमला, कोसी और महानंदा नदियां बिहार से होकर बहती हैं, जबकि गंडक नदी उत्तर प्रदेश और बिहार दोनों राज्यों से होकर बहती है।

6000 से ज्यादा नदियां और जलधाराएं नेपाल से उत्तर भारत की ओर बहती हैं

रिपोर्ट के मुताबिक नेपाल से उत्तर भारत की ओर 6000 से ज्यादा नदियां और जलधाराएं बहती हैं, जो सूखे के मौसम में गंगा के बहाव में लगभग 70% योगदान देती हैं। लेकिन बारिश का समय आते ही यह सभी मिलकर भारत के लिए भी खतरे की घंटी बजाती हैं। कई बार ऐसा देखा गया है कि नेपाल से आने वाली नदियों के चलते बिहार को भारी बाढ़ का सामना करना पड़ा है जिसके चलते काफी जन-धन की हानि हुई है।

कोसी तो बन गई बिहार का शोक

नेपाल से आने वाली कोसी नदी का बिहार पर खासा असर पड़ता है। गंगा की सहाय दो प्रमुख कोसी और गंडक जैसी बड़ी नदियां जब भी उफान पर होती हैं तो बिहार के लिए परेशानी का सबब होता है। नेपाल से आने वाली कोसी नदी ने अतीत में कई बार राज्य में बाढ़ लाकर भारी तबाही मचाई है और अपने पीछे बर्बादी के निशान छोड़े हैं। इसी के चलते इसे "बिहार का शोक" भी कहा जाता है। 2008 में कोसी की बाढ़ ने नेपाल और भारत में लगभग 30 लाख लोगों को प्रभावित किया और पूरे इलाके में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई थी।

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