नई दिल्ली, जेएनएन। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को शिक्षक दिवस (05 सितंबर) के दिन नेशनल टीचर अवॉर्ड से सम्मानित किया जाता है। आज विज्ञान भवन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा शिक्षा के क्षेत्र के इस सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार से 46 शिक्षकों को सम्मानित किया गया है। जिसमें जम्मू कश्मीर, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड समेत अन्य राज्यों के शिक्षक शामिल हैं।

मानव संसाधन विकास मंत्रालय (MHRD) द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले टीचर्स को नेशनल टीचर अवार्ड 2019 से नवाजा जाता है। यह कार्यक्रम हर साल विज्ञान भवन में आयोजित किया जाता है।

इनको किया गया सम्मानित

जिन शिक्षकों को इस अवॉर्ड से नवाजा गया है उनमें जम्मू कश्मीर के कठुआ स्थित गवर्नमेंट अपर प्राइमरी स्कूल लाहारी बरनोटी के मास्टर गुरनाम सिंह, हरियाणा के रेवाड़ी स्थित गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल मोहनपुर बवाल के हिंदी के टीचर राजेश कुमार, पंजाब के मानसा स्थित गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल रंगहेरिल बुद्धलाडला के साइंस शिक्षक अमरजीत सिंह, हिमाचल प्रदेश के चंबा स्थित गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल चंबा के प्रिंसिपल विकास महाजन, उत्तराखंड के देहरादून स्थित गवर्नमेंट इंटर कॉलेज मिश्रापट्टी शहसपुर के फिजिक्स के लैक्चरर रमेश प्रसाद बदुनी, उत्तर प्रदेश स्थित बारांबकी के अपर प्राइमरी स्कूल म्यानगंज दरियाबाद के अस्सिटेंट टीचर आशुतोष आनंद, दिल्ली के शहीद भाई बल मुकुंद गवर्नमेंट सर्वोदय विद्यालय शंकराचार्य मार्ग, उत्तरी दिल्ली के वाइस प्रिंसिपल देवेंद्र कुमार शामिल हैं।

सैनिक स्कूल के दो टीचर्स को भी मिला अवॉर्ड
इस साल सैनिक स्कूल के दो शिक्षकों को भी इस पुरस्कार से नवाजा गया है। ऐसा पहली बार है जब डिफेंस मिनिस्ट्री के अधीनस्थ सैनिक स्कूलों के शिक्षकों को भी यह अवॉर्ड दिया गया है। इनमें छत्तीसगढ़ स्थित सैनिक स्कूल अंबिकापुर के पीजीटी इंग्लिश के शिक्षक विजय कुमार पांडे और ऑटोमिक एनर्जी सेंट्रल स्कूल मुंबई के पीजीटी शिक्षक डॉ. ए जुबिन जियोल को सम्मानित किया गया।

तीन स्तरों पर किया गया शिक्षकों का चयन
मानव स्साधन मंत्रालय ने उन शिक्षकों की लिस्ट पहली ही जारी कर दी थी जिन्हें इस पुरस्कार से सम्मानित किया जाना था। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के विजेताओं के साथ बातचीत की थी। इस पुरस्कार के लिए 06 मई से 25 जून, 2019 तक पुरस्कार के लिए नामांकन मंगवाए गए थे। इस पुरस्कार के लिए शिक्षकों का चयन तीन अलग-अलग स्तरों पर किया गया था। पहले जिला चयन समिति द्वारा उम्मीदवारों की जांच की गई फिर जिला समिति द्वारा चुने गए उम्मीदवारों के नाम एक राज्य चयन समिति को भेजे जाते हैं। जहां से स्वतंत्र राष्ट्रीय ज्यूरी को सिफारिशें भेजी जाती हैं।

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Posted By: Neel Rajput

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