नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। देश भर के चिकित्सा शिक्षा संस्थानों में पोस्ट ग्रेजुएट कोर्सेस में दाखिले के लिए नीट पीजी 2021 में सफल घोषित उम्मीदवारों की काउंसलिंग में आरक्षित वर्गों को घोषित आरक्षण को चुनौती देने वाली याचिका पर उच्चतम न्यायालय में आज, 25 नवंबर 2021 को सुनवाई होनी है। बता दें नीट पीजी काउंसलिंग आयोजित करने वाली मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (एमसीसी) ने OBC और EWS उम्मीदवारों को आरक्षण देने की घोषणा की है, इसके विरोध में सुप्रीम कोर्ट में कुछ उम्मीदवारों ने याचिका दायर की है, जिसके चलते शीर्ष अदालत ने काउंसलिंग की प्रक्रिया पर रोक लगा रखी है। माना जा रहा है कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद एक माह से अधिक समय तक लंबित नीट पीजी 2021 काउंसलिंग की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।

बता दें कि पोस्ट ग्रेजुएट कोर्सेस में दाखिले के लिए अन्य पिछड़े वर्गों (ओबीसी) और आर्थिक रूप से कमजोर (EWS) को क्रमश: 27 फीसदी और 10 फीसदी आरक्षण देने की घोषणा मेडिकल काउंसलिंग कमेटी द्वारा की गयी है। इसे चुनौती देने वाली याचिका पर इससे पहले 23 नवंबर 2021 को सुनवाई होनी थी। हालांकि, मामले की सुनवाई कर रही सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की खण्डपीठ में से एक न्यायाधीश के छुट्टी पर रहने के कारण मामले को आज सुनवाई के लिए लिस्ट किया गया है।

इससे पहले, उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति बीवी नागर्थन की खण्डपीठ ने इस मामले की 21 अक्टूबर को हुई सुनवाई के दौरान कहा था कि इस मामले पर अदालत के निर्णय के बिना काउंसलिंग से स्टूडेंट्स के लिए समस्या की स्थिति उत्पन्न होगी। बाद में, केंद्र सरकार द्वारा 26 अक्टूबर 2021 को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को लेकर दाखिल किये गये हलफनामे के अनुसार, NEET पीजी 2021 दाखिले में आरक्षण के लिए EWS श्रेणी निर्धारित करने के लिए निर्धारित 8 लाख रुपये वार्षिक आय की सीमा सही है और राशि तय करने का सिद्धांत तर्कसंगत है और संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 16 के अनुरूप है।

Edited By: Rishi Sonwal