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हरित जीवनशैली की ओर बढ़ने में जिम्मेदार शिक्षा प्रणाली करेगी मदद: वीरेंद्र रावत

जलवायु परिवर्तन के संघर्षों और महामारियों के बढ़ते आंकड़ों के कारण मजबूत शिक्षा की आवश्यकता और अधिक हो गई है। यही कारण है कि यह और जरूरी हो गया है कि छात्रों को दुनिया में बदलाव लाने के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान से लैस होना होगा।

By Sanjeev TiwariEdited By: Published: Sat, 16 Jul 2022 07:58 PM (IST)Updated: Sat, 16 Jul 2022 07:58 PM (IST)
इंडो अमेरिकन ग्रीन यूनिवर्सिटी नेटवर्क की लॉन्चिंग

नई दिल्ली, एजेंसी। ग्रीन मेंटर्स संगठन ने इंडो-अमेरिकन ग्रीन यूनिवर्सिटी नेटवर्क की लॉन्चिंग के लिए अप्रैल 2022 में सिटी यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूयॉर्क के साथ भागीदारी की। इसका उद्देश्य भारतीय और अमेरिकी छात्रों को एकसाथ लाकर विश्वविद्यालयों को और मजबूत बनाने में मदद करना है। इसके जरिए विश्वविद्यालय अलग दुनिया विकसित कर सकते हैं। हरित विश्वविद्यालय एक ऐसा शैक्षणिक संस्थान है जो आने वाली पीढ़ियों को प्रभावित किए बिना अपनी जरूरतों को पूरा कर सकता है। विश्वविद्यालय आवश्‍यक संसाधन अपने छात्रों को सरलता से उपलब्‍ध कराने में भी सक्षम है।

इस कार्यक्रम में संयुक्त राष्ट्र में स्लोवाकिया के राजदूत डॉ. माइकल मलिनर ने भी हिस्‍सा लिया। इस मौके पर न्यूयॉर्क की सिटी यूनिवर्सिटी और भारत के नालंदा विश्वविद्यालय ने एक एमओयू साइन किया। वहीं, नेशनल एसोसिएशन ऑफ हायर एजुकेशन ऑफिसर्स के उपाध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र रावत ने भारत के एक प्रतिनिधिमंडल की विभिन्न देशों के करियर राजनयिकों से मुलाकात करवाई। इस दौरान उन्होंने देश में जिम्मेदार शिक्षा के महत्व पर चर्चा की और यह भी बताया कि यह कैसे राष्‍ट्र विकास के लक्ष्य को पूरा करने में मदद कर सकता है।

इस बीच इंडो-अमेरिकन ग्रीन यूनिवर्सिटी नेटवर्क के सदस्यों ने पाठ्यक्रम, मूल्यांकन और शिक्षाशास्त्र जैसे विभिन्न क्षेत्रों में हरित अभ्‍यास के बारे में अपने-अपने अनुभव और ज्ञान को साझा किया। इसके अलावा उन्होंने राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और वैश्विक स्तरों पर लागू की जा रही हरित पहल की भी समीक्षा की।

बता दें कि इस नेटवर्क का लक्ष्य देश को सतत शिक्षा के लक्ष्यों को निर्धारित करना है। साथ ही उच्च शिक्षा के निरंतर सुधार के लिए एक रूपरेखा प्रदान करना है। अपने सदस्यों के माध्यम से नेटवर्क, शिक्षा क्षेत्र में जलवायु क्रिया को संबोधित करने में सक्षम होगा। कार्यक्रम में एएएसएचई के कार्यकारी निदेशक मेघन फे जाह्निसर (Meghan Fay Zahniser) ने उच्च शिक्षा में स्थिरता के महत्व पर चर्चा की।

दरअसल, जलवायु परिवर्तन के संघर्षों और महामारियों के बढ़ते आंकड़ों के कारण, मजबूत शिक्षा की आवश्यकता और अधिक हो गई है। यही कारण है कि यह और जरूरी हो गया है कि छात्रों को दुनिया में बदलाव लाने के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान से लैस होना होगा। कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों ने इस पर सहमति जताई।

'आईएजीयूएन 24 सितंबर, 2022 को न्यूयॉर्क शहर में छठे एनवाईसी ग्रीन स्कूल सम्मेलन में कुछ भारतीय-अमेरिकी विश्वविद्यालयों के साथ अपनी अगली राउंडटेबल मीटिंग की मेजबानी करेगा। ग्रीन मेंटर्स के संस्थापक वीरेंद्र रावत ने कहा कि हरित विश्वविद्यालय 'हरित अर्थव्यवस्था' के नए प्रतिमान का हरित इंजन बनाएगा और ग्रह की समग्र स्थिरता में योगदान देगा। इसके अलावा वीरेंद्र रावत ने गोपाल गोस्वामी, अंबरीश परजिया और भावेश शाह के साथ भारत के गुजरात में स्थित एक वैश्विक स्थायी शैक्षिक संगठन ग्रीन मेंटर्स की स्थापना भी की। उनका मानना ​​है कि एक हरित जीवन शैली की ओर बदलाव लाना है तो यह जिम्मेदार शिक्षा के साथ ही शुरू होता है। इसमें आवश्यक 'ट्रांसवर्सल' दक्षताएं शामिल होती हैं जैसे नाजुक सोच, रचनात्मकता, सहानुभूति, सहयोगात्मक समस्या-समाधान और प्रणाली सोच।


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