नई दिल्ली, एजुकेशन डेस्क। RRB NTPC परीक्षा में सम्मिलित हुए उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण अलर्ट। रेल मंत्रालय ने कल, 18 जनवरी 2022 को एक विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा है कि RRB NTPC परीक्षा 2021 के नतीजों की घोषणा रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) द्वारा जारी की गयी है सम्बन्धित केंद्रीकृत रोजगार सूचना (सं.CEN 01/2019) के अनुसार ही की गयी है। इसके साथ ही, मंत्रालय द्वारा परीक्षा में सम्मिलित हुए देश भर के कई उम्मीदवारों द्वारा एनटीपीसी परिणाम पर उठाये जा रहे विभिन्न आपत्तियों पर स्पष्टीकरण भी जारी किया गया है। बता दें कि देश भर के विभिन्न रेलवे जोन में नॉन-टेक्निकल पापुलर कटेगरी (NTPC) में 35 हजार से अधिक ग्रुप सी पदों पर भर्ती के लिए सात चरणों में रेलवे भर्ती बोर्ड द्वारा आयोजित पहले चरण यानि CBT 1 (कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट 1) के नतीजों की घोषणा हाल ही में, 14 जनवरी 2022 को की गयी थी। इसके बाद से कई उम्मीदवार एनटीपीसी परीक्षा परिणाम में कथित गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर आवाज उठाई जा रही है और समाचार लिखे जाने तक 93 लाख से अधिक ट्वीट किए जा चुके थे।

विभिन्न आपत्तियों पर ये हैं रेल मंत्रालय द्वारा जारी स्पष्टीकरण

1. लेवल के अनुसार और पोस्ट के अनुसार नतीजों की घोषणा

उम्मीदवारों द्वारा लेवल के अनुसार और पोस्ट के अनुसार नतीजों की घोषणा को लेकर उठाई जा रही आपत्ति के संदर्भ में रेल मंत्रालय ने स्पष्टीकरण दिया है कि चयन प्रक्रिया के अगले चरण यानि सीबीटी 2 के लिए उम्मीदवारों की शार्टलिस्टिंग भर्ती अधिसूचना के पैरा 13 में दिए गए प्रावधानों के अनुसार की गयी है। इसके अंतर्गत 13 कटेगरी ग्रेजुएट के लिए और 6 अंडर-ग्रेजुएट उम्मीदवारों के लिए थीं। जिनमें से 13 कटेगरी को फिर 5 ग्रुप में बांटा गया था जो कि सातवें वेतन आयोग के पे-स्केल (लेवल 2, 3, 4, 5 और 6) के अनुसार हैं। हर उम्मीदवार को इनमें से पद को योग्यता के अनुसार चुनने का अवसर दिया गया था। ऐसे में नतीजों की घोषणा इसी के अनुसार की गयी है।

2. CBT 1 क्वालिफाईंग एग्जाम, रिक्तियों के 20 गुना उम्मीदवार देंगी CBT 2

उम्मीदवारों द्वारा उठाई जा रही इस आपत्ति के संदर्भ रेल मंत्रालय के स्पष्टीकरण के अनुसार, CBT 2 सभी ग्रुप के लिए पृथक परीक्षा होगी, जिसमें कठिनाई का स्तर पदों के लेवल के अनुसार अलग-अलग होगा। इसलिए समान लेवल वाले पदों के लिए कॉमन CBT 2 का आयोजन किया जाएगा। ऐसे में जिन उम्मीदवारों एक से अधिक पद के लिए आवेदन किया है उन्हें अगले चरण की परीक्षा देनी होगी।

3. शॉर्टलिस्टिंग 7 लाख उम्मीदवारों की बजाय 7 लाख रोल नंबर की

इस आपत्ति पर रेल मंत्रालय द्वारा दी गई सफाई के मुताबिक, “यह कहीं भी उल्लेख नहीं किया गया था कि दूसरे चरण के सीबीटी (CBT 2) के लिए 7 लाख अलग-अलग उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। चूंकि दूसरे चरण में पांच अलग-अलग स्तरों के सीबीटी होते हैं और एक उम्मीदवार को पात्रता, योग्यता और विकल्प के अनुसार एक से अधिक स्तरों के लिए शॉर्टलिस्ट किया जा सकता है, 7 लाख रोल नंबरों की सूची में कुछ नाम एक से अधिक सूची में दिखाई देंगे।”

4. रिक्तियों की संख्या से सिर्फ 4-5 गुना उम्मीदवार की शॉर्टलिस्टिंग

रेल मंत्रालय के स्पष्टीकरण के अनुसार, “अधिसूचना के पैरा 13 के अनुरूप अधिसूचित रिक्तियों की कुल संख्या से 20 गुना उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग की गयी है। जारी सूची में लगभग 7 लाख रोल नंबर हैं जो लगभग 35000 की अधिसूचित रिक्तियों का 20 गुना हैं।”

5. एक पद के लिए दस उम्मीदवार होते थे अब 10 पदों के लिए एक उम्मीदवार

रेल मंत्रालय के स्पष्टीकरण के अनुसार, “अंत में (चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद), लगभग 35000 उम्मीदवारों का ही चयन किया जाएगा और योग्यता और वरीयता के आधार पर केवल एक पद के लिए एक उम्मीदवार की नियुक्ति की जाएगी। अतः कोई पद रिक्त नहीं रहेगा।”

6. कुछ उम्मीदवारों को एक से अधिक स्तरों के लिए योग्य घोषित किया गया है।

इस आपत्ति पर रेल मंत्रालय द्वारा जारी स्पष्टीकरण के अनुसार, “चूंकि हर लेवल के लिए अलग-अलग CBT 2 का आयोजन होगा, जिसमें कठिनाई के अनुसार ग्रेड दिया जाएगा, एक उम्मीदवार जिसे उच्च स्तर के पद के लिए शॉर्ट लिस्ट किया गया है, उसे निचले स्तर के सीबीटी में उपस्थित होने से वंचित नहीं किया जा सकता है, बर्शते वह उम्मीदवार निर्धारित योग्यता रखता हो।

7. कट ऑफ बहुत अधिक है

रेल मंत्रालय द्वारा कहा गया है कि कट ऑफ को सामान्यीकृत अंकों (Normalized Marks) के आधार पर तैयार किया गया है जो कि आमतौर पर ‘रॉ स्कोर’ होते हैं। साथ ही, किसी भी पद के लिए कट-ऑफ भी उस स्तर/पद के लिए अधिसूचित रिक्तियों की संख्या पर निर्भर करता है। चूंकि 21 आरआरबी में 10 + 2 उम्मीदवारों के लिए लगभग 10,500 रिक्तियां अधिसूचित की गई हैं, जबकि लगभग 35000 जहां स्नातक उम्मीदवार पात्र हैं, 10 + 2 के लिए कट-ऑफ सामान्य स्कोर के आधार पर स्नातक उम्मीदवारों की तुलना में अधिक रहा है।

8. स्नातक एवं 10+2 स्तर के पदों के लिए पात्र होने का अनुचित लाभ स्नातक अभ्यर्थियों को

रेल मंत्रालय द्वारा इस बिंदू पर स्पष्टीकरण दिया गया कि समय और ऊर्जा बचाने के लिए स्नातक और 10+2 स्तर के पदों के लिए भर्तियों का एकीकरण किया गया है। साथ ही, सीबीटी 1 के मानकों को 10+2 स्तर के स्तर पर रखा गया है ताकि 10+2 स्तर के छात्रों को नुकसान न हो और केवल सीबीटी 2 में ही स्तर अलग-अलग होंगे।

Edited By: Rishi Sonwal