पढ़ाई से ब्रेक लेकर की एशियन गेम्स की तैयारी, 18 वर्षीय अनाहत स्क्वैश महिला सिंगल्स में सिल्वर मेडल जीतने वाली बनीं पहली खिलाड़ी
18 वर्षीय अनाहत सिंह एशियन गेम्स में महिला सिंगल्स स्क्वैश में सिल्वर मेडल जीतने वाली पहली खिलाड़ी बन गई हैं। ...और पढ़ें

18 year old Anahat Singh
HighLights
18 वर्षीय अनाहत सिंह ने एशियन गेम्स में जीता सिल्वर मेडल।
दिल्ली के एक स्कूल से हासिल की है प्रारंभिक शिक्षा।
एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली। जापान के आइची नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में भारत की अनाहत सिंह ने इतिहास रच दिया है। महज 18 साल की उम्र में उन्होंने महिला सिंगल्स स्क्वैश में सिल्वर मेडल हासिल करने वाली पहली खिलाड़ी बन गई हैं। फाइनल मुकाबले में उन्हें मलेशिया की खिलाड़ी शिवसंगरी सुब्रमण्यम से 4-11, 4-11, 7-11 से हार का सामना करना पड़ा जिसके बाद उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।
कितनी पढ़ी-लिखी हैं अनाहत सिंह
आपको बता दें कि अनाहत सिंह ने केवल अभी अपनी शुरआती शिक्षा ही हासिल की है। जानकारी के अनुसार उन्होंने हाल ही में 'द ब्रिटिश स्कूल, नई दिल्ली से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की है।

ओलंपिक तक पढ़ाई से ब्रेक
अनाहत सिंह ने अभी एक साल पढ़ाई से ब्रेक लिया है ताकी वे एशियन गेम्स और ओलंपिक 2028 की फोकस के साथ तैयारी कर सकें। हालांकि, उनका सपना आगे चलकर अपनी बहन अमीरा की तरह अमेरिका की मशहूर हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेकर पढ़ाई पूरी करना है।

अनाहत सिंह का जीवन परिचर
अनाहत सिंह जन्म 13 मार्च 2008 को नई दिल्ली में हुआ। उनके पिता का नाम गुरशरण सिंह है जो पेशे से वकील हैं वहीं मां तानी वढेरा इंटीरियर डिजाइनर हैं। उनके माता-पिता हॉकी और उनकी बड़ी बहन भी स्क्वैश खेलती थीं जिसके चलते बचपन से ही खेलों में उनकी रुचि जाग गई। 5 वर्ष से ही वे पीवी सिंधु से प्रेरित होकर बैटमिंटन खेलने लगी थीं। लेकिन, वे अपनी बहन के साथ जाती थीं जो स्क्वैश खेलती थीं, जिसके बाद उन्हें ये खेल अच्छा लगने लगा जिसके बाद करियर के रूप में उन्होंने इसे चुन लिया।

