पॉलीटेक्निक संस्थानों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिए जरूरी अपडेट है। जुलाई के महीने में वार्षिक परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। यह परीक्षाएं ऑनलाइन ली जाएंगी। टेक्निकल एजुकेशन काउंसिल (Technical education council) ने इस संबंध में एक आदेश जारी किया है। इसके मुताबिक पॉलिटेक्निक संस्थानों (यहां तक ​​कि सेमेस्टर) के छात्रों की वार्षिक परीक्षाएं जुलाई में ऑनलाइन आयोजित की जाएगी। वहीं कोविड- 19 संक्रमण महामारी के कारण परीक्षा बहुविकल्पीय प्रश्नों (एमसीक्यू) पैर्टन पर आधारित होगी। इस संबंध में मीडिया रिपोर्ट में एक अधिकारी ने कहा, यह छोटी अवधि की बहुविकल्पीय प्रश्न (एमसीक्यू) परीक्षा होगी। छात्रों को 90 मिनट में 50 एमसीक्यू का जवाब देना होगा।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस संबंध में 22 जून को तकनीकी शिक्षा परिषद के सचिव सुनील कुमार सोनकर द्वारा लिखे गए एक पत्र के माध्यम से पॉलिटेक्निक कॉलेजों के प्राचार्यों और निदेशकों को सूचित किया गया है कि, छात्र अपने स्मार्टफोन, लैपटॉप और डेस्कटॉप पर अपने घर, साइबर कैफे से परीक्षा दे सकते हैं। वहीं आदेश के अनुसार एमसीक्यू आधारित पेपर में सभी विषयों के सेक्शन शामिल होंगे, जबकि अंतिम सेमेस्टर के छात्रों के पास एक ही पेपर होगा। वहीं अन्य सेमेस्टर के छात्रों के पास 50-50 अंकों के दो प्रश्न पत्र होंगे। 

बता दें कि राज्य के 141 सरकारी और 1,217 निजी पॉलिटेक्निक कॉलेजों में लगभग 2.5 लाख छात्र नामांकित हैं। वहीं तकनीकी शिक्षा बोर्ड ने छात्रों को सॉफ्टवेयर से परिचित कराने के लिए पॉलिटेक्निक संस्थानों को मॉक टेस्ट आयोजित करने की सलाह दी है। वहीं छात्र-छात्राएं ध्यान रखें कि मॉक टेस्ट की तारीख जल्द ही घोषित की जाएगी। जो छात्र मॉक टेस्ट में शामिल नहीं होंगे,तो इसके लिए फिर खुद उत्तरदायी होंगे, क्योंकि पॉलिटेक्निक के छात्र पहली बार ऑनलाइन परीक्षा देंगे। ऐसे में फाइनल परीक्षाएं देते वक्त कोई तकनीकी परेशानी न हो इससे बचने के लिए छात्रों को छात्रों को मॉक टेस्ट में शामिल होना होगा। वहीं मीडिया रिपोर्ट में अधिकारियों ने कहा कि परीक्षा दो भागों में होगी। इसके अनुसार पॉलिटेक्निक अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए परीक्षा पहले और उसके बाद प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्रों के लिए आयोजित की जाएगी। वहीं परीक्षा से जुड़ी ज्यादा जानकारी के लिए अभ्यर्थी संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

 

Edited By: Nandini Dubey