प्रयागराज, जागरण संवददाता। प्रदेश के अशासकीय सहायताप्राप्त महाविद्यालयों में प्राचार्य भर्ती के विज्ञापित पदों में बदलाव कर दिया गया है। स्नातकोत्तर में पुरुष व महिला के पद अब घट गए हैं, जबकि स्नातक महाविद्यालयों में दोनों पदों की संख्या बढ़ी है, हालांकि यह भर्ती अब भी कुल 290 पदों के लिए ही होगी। उप्र उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग ने बदले पदों को अपनी वेबसाइट व पोर्टल पर अपलोड कर दिया है, अभ्यर्थी उसे देख सकते हैं।

यूपीएचईएससी को शिक्षा निदेशालय से प्राचार्य पदों का अधियाचन मिला था। आयोग ने विज्ञापन संख्या 49 के तहत उसे विज्ञापित किया। उस समय स्नातकोत्तर पुरुष के 172, महिला के 36, स्नातक पुरुष के 64 और महिला के 18 पदों सहित कुल 290 पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। अभ्यर्थियों ने 15 मार्च 2019 से 25 मई 2019 तक बड़ी संख्या में आवेदन किया था। आवेदक तब से इस भर्ती के आगे बढ़ने की राह देख रहे थे। अब आयोग ने शनिवार को अपनी वेबसाइट पर प्राचार्य भर्ती का नया पत्र अपलोड किया है।

उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग की सचिव वंदना त्रिपाठी की ओर से कहा गया है कि विज्ञापन संख्या 49 के तहत प्राचार्य भर्ती में 29 नवंबर 2019 को शिक्षा निदेशक उच्च शिक्षा ने पदों के अधियाचन में बदलाव किया है। अब स्नातकोत्तर पुरुष के 134, महिला के 30, स्नातक पुरुष के 105 और महिला के 21 पदों सहित कुल 290 पदों पर भर्ती कराई जाएगी।

आयोग की बैठक में बदले पदों का अनुमोदन किया है और उसे वेबसाइट व पोर्टल पर अपलोड किया गया है। बैठक में भर्ती को आगे बढ़ाने पर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है। ज्ञात हो कि इस भर्ती में लिखित परीक्षा कराने की तैयारी है, यह परीक्षा कब होगी, तय नहीं है।

अर्थ शास्त्र के असिस्टेंट प्रोफेसर का चयन निरस्त

उप्र उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग ने अर्थशास्त्र विषय के असिस्टेंट प्रोफेसर का चयन निरस्त कर दिया है। सचिव वंदना त्रिपाठी की ओर से संशोधित चयन परिणाम आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है।

यूपीएचईएससी विज्ञापन संख्या 47 के तहत अशासकीय सहायताप्राप्त महाविद्यालयों के लिए असिस्टेंट प्रोफेसर का चयन कर रहा है। अर्थशास्त्र विषय का परिणाम जारी हो चुका है। इसमें सामान्य वर्ग के क्रमांक दो पर चयनित अभ्यर्थी डा. संतोष कुमार शुक्ल का चयन हुआ। पद के सापेक्ष चयनित अभ्यर्थी के न्यूनतम अर्हता न होने की शिकायत आयोग को मिली। आयोग ने शिकायत के संबंध में अभ्यर्थी को अपना पक्ष रखने का मौका दिया। डा. शुक्ल की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण व शिकायत के आधार पर संबंधित प्रकरण विषय विशेषज्ञों के समक्ष रखा गया। सचिव वंदना त्रिपाठी ने बताया कि विषय विशेषज्ञों की राय पर डा. शुक्ल का असिस्टेंट प्रोफेसर अर्थशास्त्र के पद पर निर्धारित योग्यता न रखने के कारण चयन निरस्त कर दिया गया है।

यूपी बोर्ड की परीक्षक सूची का इंतजार

यूपी बोर्ड की प्रायोगिक परीक्षाएं दो चरणों में होनी हैं। पहले चरण की परीक्षा 15 दिसंबर से शुरू होनी हैं। अभी तक बोर्ड ने परीक्षक सूची तय नहीं की है। हालांकि ऐसे संकेत थे कि सात दिसंबर तक पहली सूची जारी होगी, संभव है कि सोमवार को लिस्ट जारी हो जाए। इस बार भी दोनों चरणों में करीब 14 हजार परीक्षकों की तैनाती होने का अनुमान है। असल में परीक्षार्थी कम होने से कई परीक्षक सूची हटाए जा रहे हैं।

Posted By: Neel Rajput

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